प्राध्यापक भर्ती-2022 पेपर लीक मामला: आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित तीन गिरफ्तार
जयपुर, 10 मई । राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वर्ष 2022 की प्राध्यापक (स्कूल व्याख्याता) कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है। एसओजी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर और पेपर माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि मामले की जांच की शुरुआत स्कूल व्याख्याता (कृषि) अनिता चौधरी के खिलाफ दर्ज प्रकरण से हुई थी। जांच में सामने आया कि उसने ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू से बैक डेट की फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी हासिल की थी। अनिता के फरार होने के बाद आईजी अजय लांबा, डीआईजी परिस देशमुख और एसपी कुंदन कंवरिया की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए जांच आगे बढ़ाई, जिसमें चौमूं निवासी अशोक कुमार यादव का नाम सामने आया।
अशोक यादव वर्तमान में सीकर के दिवराला स्कूल में व्याख्याता पद पर कार्यरत है। जांच में पता चला कि उसने भी ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से बैक डेट में फर्जी बीएड और एमएससी डिग्रियां बनवाई थीं। परीक्षा परिणाम के विश्लेषण में सामने आया कि सामान्य ज्ञान के प्रथम प्रश्न पत्र में उसने 150 में से केवल 68 अंक प्राप्त किए, जबकि कृषि विज्ञान के द्वितीय प्रश्न पत्र में 300 में से 239 अंक हासिल कर मेरिट में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
एसओजी की पूछताछ में अशोक यादव ने स्वीकार किया कि उसने पेपर माफिया शेर सिंह मीणा के गुर्गे विनोद रेवाड़ से सात लाख रुपए में सॉल्व्ड पेपर खरीदा था। परीक्षा से एक दिन पहले 10 अक्टूबर 2022 को उसे पूरा पेपर रटवाया गया था।
जांच में सामने आया कि कृषि विज्ञान का प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के पास थी। कटारा प्रश्न पत्र को अपने सरकारी आवास पर ले गया, जहां उसके भांजे विजय डामोर ने पूरे पेपर को हाथ से रजिस्टर में उतारा। बाद में यह हस्तलिखित पेपर अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को सौंप दिया गया। शेर सिंह ने इसे आगे विनोद रेवाड़, भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाकर मोटी रकम वसूली।
एसओजी जांच में यह भी सामने आया कि बाबूलाल कटारा ने अपने भांजे विजय डामोर के लिए भूगोल और सामान्य ज्ञान का पेपर उपलब्ध कराने की शर्त पर शेर सिंह से सौदा किया था। शेर सिंह ने परीक्षा से पहले विजय के मोबाइल पर लीक पेपर भेज भी दिए थे, लेकिन विजय ने परीक्षा से पहले मोबाइल नहीं देखा और पेपर का फायदा नहीं उठा सका।
आईजी अजय लांबा के नेतृत्व में एसपी कुंदन कंवरिया और एएसपी चिरंजी लाल मीणा की टीम गिरफ्तार आरोपिताें से गहन पूछताछ कर रही है। एसओजी अब यह जांच कर रही है कि बाबूलाल कटारा के कार्यकाल में अन्य किन-किन परीक्षाओं में भी इसी प्रकार पेपर लीक हुआ। साथ ही फर्जीवाड़े से सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अन्य अभ्यर्थियों और नेटवर्क से जुड़े बिचौलियों की भी तलाश की जा रही है।









