सांसद अनुराग ठाकुर ने वंदे मातरम् को वैधानिक संरक्षण देने के फैसले का किया स्वागत
हमीरपुर, 07 मई । हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने पर प्रसन्नता और आभार व्यक्त किया। इस संशोधन के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को अब राष्ट्रगान जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय लंबे समय से उठ रही राष्ट्रीय मांग को पूरा करता है और प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है, जिसके हृदय में वंदे मातरम् के प्रति सम्मान और आस्था है।
इस संशोधन के माध्यम से वर्ष 1875 में बंकिम चंद्र चैटर्जी द्वारा रचित तथा वर्ष 1950 में राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किए गए वंदे मातरम् को जानबूझकर किए गए अपमान, अवरोध या अनादर के विरुद्ध समान कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी। यह कदम भारत की सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा को और सशक्त करेगा तथा राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान की तरह इसके संरक्षण को भी प्रभावी बनाएगा। वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के अवसर पर लिया गया यह निर्णय स्वतंत्रता संग्राम में इसकी प्रेरणादायी भूमिका और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में इसकी महत्ता को और मजबूत करता है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने इस विषय को लोकसभा के बजट सत्र के दौरान रूल 377 के माध्यम से प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने अपने प्रस्ताव में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, इसकी राष्ट्रीय एकता में भूमिका तथा इसके सम्मान की रक्षा हेतु वैधानिक प्रावधान की आवश्यकता पर जोर दिया था।
अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का भी त्वरित सहयोग और शीघ्र कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जिसने असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरणा दी।









