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नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिये महिलाओं ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

बहराइच , 17 अप्रैल शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के उपलक्ष्य में समाज की प्रभावी एवं प्रतिष्ठित महिलाओं ने उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से देश की महिलाओं को उनका हक मिला है। विशिष्ट महिलाओं ने कहा कि नारी शंक्ति वंदन अधिनियम एक कानून नहीं बल्कि मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।

प्रेस वार्ता को प्रमुख रूप से शहर की प्रतिष्ठित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राजुल सिंह, महिला महाविद्यालय की डॉ. निधि मल्ल व डॉ. दया कुमारी, चिकित्सक डॉ. निशा शाही, एकता जायसवाल एडवोकेट आदि समाज की प्रभावी एवं प्रतिष्ठित महिलाओं द्वारा सम्बोधित किया गया।

महिलाओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केे लागू हो जाने से महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सीधे सम्मलित होने का अवसर प्राप्त होने से समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लायेगा। इस कानून के बाद महिलाएं केवल मतदान के लिए नहीं बल्कि नीति निर्माण में भी निर्णायक भूमिका निभाएंगी। महिलाओं का स्थान मात्र लाभार्थी की श्रेणी में नहीं बल्कि निर्णायकों में शुमार होगा। मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने के साकार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम मील का पत्थर साबित होगा।

वक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा साफ है कि आगामी लोकसभा निर्वाचन के बाद नई लोकसभा गठन हो तो किसी भी विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा के एतिहासिक कक्ष में पुरूषों के साथ महिलाओं की आवाज़ भी गूंजे। अधिनियम के लागू हो जाने से लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ कर 33 प्रतिशत हो जायेगा। वर्तमान में देखा जाये तो लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र 14 प्रतिशत है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू हो जाने से सही मायनों में कहा जा सकेगा कि महिलाएं भी पुरूषों के साथ साथ कांधे से कांधा मिलाकर विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनेंगी।