भारत एक भूखंड मात्र नहीं मानवता की चिंता करने वाला ऋषि: कविता मालवीय
मुख्य वक्ता काशी महानगर संयोजिका कविता मालवीय ने युवा संवाद में कहा कि भारत एक भूखंड मात्र नहीं मानवता की चिंता करने वाला ऋषि और कृषि का राष्ट्र है। इसको विश्व का बाजार ही बना कर रखने के षडयंत्र से ऊपर ला कर भारत का युवा स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत बना कर पुनः विश्व गुरु बना सकता है । अमेरिका अब भारत के आगे झुकाने को विवश है। उसकी मनमाने को अस्वीकार कर भारत ने स्वदेशी के आश्रय को दृढ़ किया। आईटीआई के प्रबंधक अनिल के संयोजन से कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक राजकुमार और संचालन विजय मिश्रा (सह संपर्क प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच काशी प्रान्त) ने किया। कार्यक्रम में आईटीआई के दो युवा छात्र एवं एक छात्रा स्वदेशी कार्यकर्ता बने। आईटीआई के छात्र संयोजक सह संयोजक के लिए इनका नाम प्रस्तावित किया गया।









