आजादी के दीवानों ने देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया: अशफाक
उन्होंने कहा कि आजादी के लिए कितने शहीद फांसी के फंदे से लटक कर अपने को देश की आन बान शान के लिए कुर्बान कर दिया, कितने जांबाज नौजवान ने देश के लिए गोलियां खाई कितनों ने जेल में तन्हाई में अपने जीवन बिताए उन्हीं बलिदानी शहीदों की आत्म बलिदान को स्मरण करते हुए आज हमें आपको संकल्पित होकर देश सेवा के लिए प्रेरणा लेनी चाहिए।
कांग्रेस नेता शेखर बहुगुणा ने कहा कि यह धरती अमर वीर बलिदानी शहीदों की है गांधी जी द्वारा मुंबई में करो या मरो के नारे के साथ आजादी के लिए चलाए जा रहे अगस्त क्रांति की आवाज देश में चारों तरफ ऐसी फैली कि देश का कोई भी हिस्सा इस आंदोलन से अछूता न रहा। इस आंदोलन से प्रभावित होकर सैदाबाद में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए और मार्टिन क्रो तत्कालीन गवर्नर जो सरकारी खजाने को लेकर जा रहा था उसे जनता ने रोक कर अंग्रेजों भारत छोड़ो के नारे लगाने लगे फल स्वरुप गवर्नर आग बबूला हो उठा और उसने गोली चलाने का आदेश दे दिया जिससे वही मौके पर चार लोग शहीद हो गए।
इस अवसर पर निवर्तमान प्रदेश महासचिव राम किशुन पटेल,अजय शुक्ला,महेंद्र प्रताप सिंह,परवेज ताहिर,सद्दाम हुसैन सिद्दीकी,लवकुश मिश्रा,महेश शुक्ला, शिवचंद बिन्द, राजकुमार श्रीवास्तव, अवधेश कुमार,सुरेंद्र पांडे,तीरथ राज तिवारी,धीरज राज मिश्रा,भागीरथी कौशल,देवेंद्र शुक्ला,धर्मराज मिश्रा, सीवू आलम,राजेंद्र मिश्रा,मोहम्मद शमीम,मुस्तफा अंसारी,आदि लोग उपस्थित रहे।









