हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित
सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही आवश्यक कागजात और रिपोर्ट पेश किया गया। उसके बाद उपसभापति हरिवंश ने बताया कि नियम 267 के तहत 21 नोटिस प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि नोटिस में चार अलग-अलग विषयों पर चर्चा की मांग की गई है, जिनमें से 11 एक ऐसे मामले से संबंधित हैं जो विचाराधीन है। किसी भी नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने इस विषय पर पिछले आदेश का उल्लेख कर कहा कि ये नोटिस उसके अनुरूप नहीं हैं।
डीएमके सदस्य तिरुचि शिवा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। उन्होंने पूछा, “हम एक महत्वपूर्ण विषय उठा रहे हैं जो देश में ज्वलंत है, आप नियम 267 के नोटिस को अनुमति क्यों नहीं देते?” उपसभापति ने कहा कि उन्होंने नियमों का पालन किया है और किसी भी नोटिस को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए पूछा कि 500 से ज़्यादा धाराओं वाले विधेयक जैसे कि आयकर विधेयक को अनुपूरक कार्य के रूप में क्यों सूचीबद्ध किया जा रहा है। उनका कहना है कि ये गंभीर मुद्दे हैं और इन्हें सुबह 11 बजे सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बिहार में एसआईआर के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की। उपसभापति ने उनकी बातबीच बीच में ही रोक दी और कहा कि उन्होंने इस बारे में विस्तृत निर्णय दे दिया है। इसके बाद सदन की कार्यवाही को 02 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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