शहर की सफाई व स्वच्छता पर 13 साल पहले दिए निर्देशों की पालना में क्या कार्रवाई की-हाईकोर्ट

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता चौधरी व योगेश टेलर की ओर से अदालत से कहा कि शहर में स्वच्छता व सफाई के लिए 13 साल पहले निर्देश दिए थे। इस आदेश की पालना में राज्य सरकार और नगर निगम को हर वार्ड में सौ सफाई कर्मचारी लगाने, सप्ताह के हर दिन सफाई करने, सिंगल टियर सिस्टम से सफाई, कचरा पात्र लगाने, डोर टू डोर कचरा संग्रहण, चार मोबाइल मजिस्ट्रेट नियुक्त करने और बायो मेडिकल रूल्स लागू करना था। अदालती आदेश के बावजूद भी राज्य सरकार व नियम इसकी पालना नहीं कर रहे हैं। सफाई के लिए भर्ती किए गए सफाई कर्मचारियों से ऑफिस में दूसरा काम लिया जा रहा है। जिसके चलते शहर में जगह-जगह पर गंदगी के ढेर हैं और सही तरीके से सफाई नहीं हो रही है। यदि अदालत की ओर से दिए इन निर्देशों की पूर्णतया पालना हो जाए तो सफाई के मामले में शहर पहले स्थान पर आ सकता है। वहीं प्रार्थना पत्र के जवाब में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि अदालती निर्देशों की पालना की जा चुकी है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से आदेश की पालना में की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है।