निजी स्कूल पर एक लाख का हर्जाना, सीबीएसई सभी विषयों के अंकों के साथ नए सिरे से जारी करे अंकतालिका-हाईकोर्ट

याचिका में अधिवक्ता अमित गुप्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता ने सीकर की स्कूल से 12वीं कक्षा में प्रवेश लिया था। परीक्षा में वह रसायन विज्ञान में सप्लीमेंट्री आया और बाद में उसकी परीक्षा में भी फेल हो गया। इस पर उसने कप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदन किया, लेकिन स्कूल प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए उसे आवेदन में पूर्व में पास चार विषयों को भी भर उसे सीबीएसई को भेज दिया। याचिकाकर्ता को प्रवेश पत्र के जरिए इसकी जानकारी मिली तो उसने स्कूल प्रशासन को शिकायत दी। इस पर स्कूल प्रशासन ने उसे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर वह सिर्फ रसायन विज्ञान की परीक्षा में शामिल हुआ। परीक्षा में पास होने के बाद स्कूल ने उसे उत्तीर्ण दिखाते हुए टीसी जारी कर दी। इसके आधार पर उसने बीटेक कर लिया। जब उसने एमटेक में प्रवेश लिया तो उससे 12वीं की अंक तालिका मांगी गई। स्कूल से संपर्क करने पर याचिकाकर्ता को चार विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित बताकर फेल की अंकतालिका दी गई। जिसे याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। वहीं सीबीएसई की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता के आवेदन में पांचों विषयों का हवाला था और चार विषय की परीक्षा नहीं देने के कारण उसे फेल की अंकतालिका दी गई।