दमोह : कूट रचित चालान, अर्जीनवीस पर एफआईआर हो, एडीएम मीना मसराम ने पुलिस अधीक्षक को लिखा पत्र
दमोह : कूट रचित चालान, अर्जीनवीस पर एफआईआर हो, एडीएम मीना मसराम ने पुलिस अधीक्षक को लिखा पत्र
दमोह, 04 जुलाई (हि.स.)। कलेक्ट्रेट परिसर दमोह के अर्जीनवीस पदम सिंह ठाकुर के विरूद्ध प्राप्त शिकायत की जाँच उपरांत शस्त्र लायसेंस नवीनीकरण हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्रों में कूट रचित (फर्जी) चालानों को बनाने के संदर्भ में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करवाये जाने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मीना मसराम ने पुलिस अधीक्षक दमोह को पत्र लिखा है।
इस संबंध में शुक्रवार को हिस से बात करते हुए अतिरिक्त जिला मजिस्टेड श्रीमती मीना मसराम ने बताया कि उचित दण्डात्मक कार्रवाई के लिये पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में सभी बातें विस्तार से स्पष्ट की गई हैं। सामने आया है कि फुटेरावार्ड नं. 03 हाल पता- कामधेनु कॉलोनी आमचौपरा दमोह निवासी पदमसिंह ठाकुर द्वारा याचिका लेखक का लायसेंस क्र. 01/2009 स्वीकृत कर जारी किया गया है। उनके द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में बैठकर याचिका लेखक का कार्य संपादित किया जाता है।
श्रीमती मसराम ने बताया कि शस्त्र लायसेंस धारियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र के साथ संलग्न चालानों का सत्यापन कराया गया, जिनमें मद 0055 में 51500 रूपये तथा मद 0030 में 21000 रूपये के इस तरह कुल 72500 रूपये के फर्जी चालान पाये गये हैं। शस्त्र लायसेंस धारियों द्वारा शस्त्र लायसेंस के नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र मय चालानों की प्रति सहित कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किये गये थे। जिनमें से कुछ शस्त्र लायसेंस धारियों के आवेदन पत्र के साथ संलग्न चालानों की राशि एवं नामों का सत्यापन न होने के कारण शस्त्र लायसेंस धारियों को कथन के लिए आहूत किया गया था। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान 14 लायसेंस धारियों ने शपथ पत्र सहित कथन अंकित कराये थे।
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