जोधपुर में संदिग्ध बांग्लादेशियों पर पुलिस का शिकंजा, 700 श्रमिकों की जांच शुरू
जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुई आतंकी घटना के बाद सुरक्षा के चलते जोधपुर के कमिश्नरेट और ग्रामीण क्षेत्रों में बांग्लादेशी नागरिकों की खोजबीन के लिए पुलिस का व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया है। पुलिस का यह अभियान उन सभी स्थानों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जहां पर बांग्लादेशी श्रमिकों की संभावित मौजूदगी हो सकती है। इस ऑपरेशन के तहत लगभग 650 ऐसे लोगों के आधार कार्ड, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के जिला पश्चिम के सभी थानों की टीमें संभावित बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए काम कर रही हैं। इनमें बासनी, प्रताप नगर, प्रताप नगर सदर और सूरसागर जैसे इलाके शामिल हैं, जहां पर ये श्रमिक मजदूरी कर रहे हैं। इस तलाशी अभियान के दौरान लगभग 500 बंगाली मजदूरों को पुलिस थानों में लाया गया है, जहां से उनसे दस्तावेज मांगे गए हैं। इन दस्तावेजों की छानबीन करने के साथ-साथ पुलिस इन सभी से विस्तृत जानकारी भी इकट्ठा कर रही है।
यह अभियान भविष्य में और भी जारी रहने की संभावना है, और संदिग्ध पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जिला पूर्व में भी विशेष ध्यान दिया है, विशेषकर घोड़ों का चौक क्षेत्र में, जहां ज्वैलर्स के यहां काम करने वाले करीब 150 बाहरी श्रमिकों के दस्तावेजों की जांच जारी है। इस प्रकार का जांच अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि कहीं भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक न हों, जो सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
इसी तरह, जोधपुर ग्रामीण पुलिस भी बिलाड़ा, पीपाड़ और भोपालगढ़ थाना क्षेत्रों में बांग्लादेशी श्रमिकों की छानबीन कर रही है। इस दौरान, पुलिस ने लगभग 50 से अधिक बाहरी नागरिकों के दस्तावेज लिए हैं और उनकी पृष्ठभूमि की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अवैध गतिविधि के संचालन को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके।
पुलिस प्रशासन का यह कदम सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर उस संदर्भ में जब देश में आतंकवाद के खतरे का सामना किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण है कि सभी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए ताकि सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और आम जनता को सुरक्षा का एहसास दिलाया जा सके।









