अमृतसर में आधी रात 6 धमाकों से दहशत, पुलिस ने बताया सोनिक साउंड!

बुधवार-गुरुवार की मध्य रात, ऑपरेशन सिंदूर के महज 24 घंटे बाद, अमृतसर में 1-1 कर कुल 6 तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। ये धमाके रात 1:02 बजे से लेकर 1:09 बजे के बीच गूंजे, जिससे स्थानीय निवासियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया। धमाकों की आवाज इतनी स्पष्ट और तेज थी कि लोग अपनी गहरी नींद से जाग उठे और बाहर आ गए। घटना के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई, लेकिन अभी तक धमाकों के कारणों का सही-सही पता नहीं चल पाया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज से पूरे क्षेत्र में एक तरह का भय बना हुआ था। महत्वपूर्ण यह था कि रात के समय 10:30 से 11 बजे के बीच अमृतसर में ब्लैकआउट रिहर्सल की गई थी। हालांकि, इसके सिर्फ तीन घंटे बाद, रात 1:56 बजे शहर में एक बार फिर से ब्लैकआउट घोषित कर दिया गया, जो करीब ढाई घंटे तक जारी रहा। सुबह 4:30 बजे जाकर शहर की बिजली बहाल हुई। इस तरह की घटनाओं के बीच शहर में पैनिक ना हो, इसके लिए अमृतसर के डीसी साक्षी साहनी ने एक संदेश जारी किया, जिसमें निवासियों से आग्रह किया गया कि वे सतर्क रहें और घरों से बाहर इकट्ठा न हों।

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने भी इस मामले में जानकारी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि धमाकों की आवाज संभवतः सोनिक साउंड थी। उन्होंने कहा कि ग्राउंड पर सभी जगहों की जांच की गई है और किसी भी प्रकार के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा शांति बनाए रखने की अपील की गई है और अफवाहों से बचने के लिए निवासियों को सोशल मीडिया पर फैलने वाले संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इस घटना ने अमृतसर में एक चिंता का माहौल बना दिया है, लेकिन पुलिस और प्रशासन पूरी कोशिश कर रहे हैं कि लोगों के बीच शांति बनी रहे। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं, लेकिन अधिकारियों की कार्रवाई के बाद उन्हें थोड़ा सा सुकून महसूस हो रहा है। सभी की नजर अब अधिकारियों की अगली घोषणा पर है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके और लोगों के मन में व्याप्त असुरक्षा का अंत हो सके। इस तरह की घटनाएं समाज में चिंता का सबब बनती हैं, और प्रशासन का कार्य होता है कि वे जनता के बीच विश्वास बहाल करें।