आगरा के गुलफाम हत्याकांड में गोसेवा का खौफनाक षड्यंत्र! मां का दर्दनाक खुलासा

आगरा में एक दिल दहलाने वाली घटना में, गोरक्षा दल के सदस्यों द्वारा एक युवक गुलफाम की हत्या की गई थी। घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें हत्यारे गैरकानूनी तौर पर अपने कृत्य का इशारा कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह “पहलगाम का बदला” था। मामले का मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र बघेल के रूप में पहचाना गया है, जिसके बाद पुलिस ने शिवम बघेल और प्रशांत यादव को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। यह हत्या पिछले साल 23 अप्रैल को आगरा के शिल्पग्राम रोड पर स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई, जहां गुलफाम को गोली मारी गई थी।

घटना के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो पाया कि शिवम और प्रशांत ने पुष्पेंद्र के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। दैनिक भास्कर की टीम ने मामले की गहराई में जाने के लिए करभना गांव में जाकर लोगों से बात की। शिवम के परिजनों का कहना है कि पुष्पेंद्र ने उन्हें यह बताकर अपने साथ ले जाया कि एक गाय नाले में गिर गई है, जिसके लिए उसे मदद चाहिए। परिवारवालों ने यह भी कहा कि उनके बच्चे केवल गोसेवा का काम करते थे और उन्हें नहीं पता था कि पुष्पेंद्र का असली इरादा क्या था।

गांव करभना में, जहां हत्याकांड के आरोपी रहते हैं, स्थानीय लोग भयभीत हैं। गांव के लोगों ने बताया कि पुष्पेंद्र का परिवार घटना के बाद से घर छोड़कर भाग गया है। वहां एक पड़ोसी ने बताया कि पुष्पेंद्र के घर की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं, जो किसी प्रकार की तोड़फोड़ का इशारा करते हैं। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने पुष्पेंद्र को एक झगड़ालू इंसान बताया, लेकिन यह भी कहा कि वह गायों की सेवा करता था।

दैनिक भास्कर की टीम ने शिवम के घर जाकर उसकी मां से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनका बेटा किसी हिंदू संगठन से नहीं जुड़ा था और केवल गोसेवा के लिए पुष्पेंद्र और प्रियांश के साथ था। शिवम का कोई जुड़ाव न तो हिंदू-मुस्लिम विवादों से था, न ही वह किसी संगठनों का हिस्सा था। इसी तरह, प्रियांश के मामले में भी उसके परिवार ने पुष्टि की कि पुष्पेंद्र ने उसे भी धोखे से गाय के लिए दवा दिलवाने के बहाने ले गया।

इस कांड के वायरल वीडियो के आरोपी मनोज चौधरी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मनोज का घर आगरा से दूर मलपुरा गांव में है। उसके परिवार का दावा है कि मनोज ने इस वीडियो को अनजाने में अपलोड किया था और उसे इसका बिलकुल भी अंदाजा नहीं था। पुलिस ने उसे जमानत देने के बाद छोड़ दिया, और उसके परिवार का कहना है कि वह आगे बढ़कर गायों की सेवा करना चाहता है।

इस तरह, आगरा में घटित इस हत्या ने न केवल समाज को प्रभावित किया है, बल्कि वह गोरक्षा दल के सदस्यों की पहचान और उनके क्रियाकलापों को भी सामने ला दिया है। यह मामला समुदाय में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा कर रहा है और इसके पीछे के असली कारणों की खोज जरूरी है। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि किस तरह से व्यक्ति अपने जघन्य कार्यों को छिपाने के लिए विभिन्न तरीकों का सहारा लेते हैं।