नोएडा में बुजुर्ग के 52 लाख का धोखा: निवेश के बहाने 16 बार ट्रांज़ैक्शन!
नोएडा में एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ निवेश के नाम पर हुई 52 लाख रुपये की ठगी ने सभी को चौंका दिया है। यह घटना एक सेवानिवृत्त अधिकारी दीपांकर मुखर्जी के साथ हुई, जो सेक्टर-31 निठारी में रहते हैं। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यह ठगी पिछले साल 12 मार्च से 11 अप्रैल के बीच हुई, जब उन्हें एचएसबीसी सिक्योरिटीज का नकली ग्रुप में जोड़ा गया था। इसके तहत कुल 16 बार धनराशि ट्रांसफर की गई। पुलिस ने सम्बंधित बैंक खातों को फ्रीज कर जांच शुरू कर दी है।
दीपांकर मुखर्जी ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ करीब 100 लोग पहले से जुड़े हुए थे। इस ग्रुप की एडमिन, अदिति अरोड़ा, और एक सलाहकार, दीपेश जैन, थे। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने इन लोगों के द्वारा दी गई सलाह के आधार पर एनएसई और बीएसई पर शेयरों में निवेश करना शुरू किया। इस ग्रुप के जरिए उन्हें लगातार नई जानकारियाँ मिलती रहीं और लोग मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करने लगे, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया। धोखेबाजों ने मुंबई में एक ऑफिस का पता भी दिया, जिससे पीड़ित को और भरोसा हो गया।
इसके बाद, उन्हें अदिति अरोड़ा द्वारा एक और व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ पैसे ट्रांसफर करने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइडेंस दी गई। इस ग्रुप में भी एचएसबीसी का लोगो था और केवल तीन सदस्य थे – अदिति अरोड़ा, अनीता मिश्रा और खुद दीपांकर। इसके बाद, अनीता मिश्रा ने उन्हें एचएसबीसी डिपॉजिट सर्विसेज नामक एक तीसरे ग्रुप में जोड़ा, जहाँ उन्होंने खुद को डिपॉजिट सर्विस के तौर पर प्रस्तुत किया।
धोखेबाजों ने दीपांकर को एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसमें विशेष कंपनियों के शेयरों पर 30 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव दिया गया। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया और इस दौरान अनीता मिश्रा ने उनके पैसे आरटीजीएस और आईएमपीएस के जरिए लिए। शुरू में उन्हें मुनाफा भी दिखाया गया और उन्होंने पैसे वापस भी मांगे, जो उन्हें बिना किसी कठिनाई के वापस मिल गए। इससे उनका विश्वास और बढ़ गया, और उन्होंने लगातार पैसे ट्रांसफर करना जारी रखा।
हालाँकि, जब उन्होंने मुनाफे की रकम वापस मांगी, तो ग्रुप की एडमिन ने बताया कि उनका क्रेडिट स्कोर 99 है और 100 होने पर वे पैसे निकाल सकते हैं। इस प्रक्रिया में काफी समय बीत गया और जब भी वापसी की मांग की गई, तो उन्हें और पैसे जमा करने को कहा जाने लगा। अंततः, 16 अप्रैल को दीपांकर मुखर्जी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई और उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उन्होंने ठगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।









