जेल में रहते हुए कैदी करें आत्मचिंतन : दारा सिंह चौहान

जेल में रहते हुए कैदी करें आत्मचिंतन : दारा सिंह चौहान

बिजनौर, 21 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सोमवार को बंदियों से कहा कि जेल में रहकर वह आत्मचिंतन करें। अपनी बुराईयों को अच्छाईयों में बदलने का निरंतर रूप से प्रयास करें। जेल प्रशासन उनके आर्थिक एवं मानसिक विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस दौरान कारागार मंत्री ने एक कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस कैं​टीन में जेल में बंद कैदियों द्वारा उत्पादित सामग्री बेची जाएगी।

कारागार मंत्री ने जिला एवं जेल प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जेल एवं कैदियों के नैतिक मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए संचालित योजनाओं एवं कार्यकर्मों को धरातल पर उतारा है। जेल में रह रहे कैदियों के शैक्षिक एवं आर्थिक विकास के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधाएं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कौशल विकास विभाग के सौजन्य से हुनरमंद कैदियों को उनकी पसंद के अनुसार कार्य उपलब्ध कराकर उनका आर्थिक विकास के साथ उनको नैतिक शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। ताकि जेल से बाहर आने के बाद कैदी समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकें और अपना व अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर सकें।