अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में आयोजित किये जायेंगे कई कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में आयोजित किये जायेंगे कई कार्यक्रम

खूंटी, 22 अप्रैल (हि.स.)। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है, जिसका नेतृत्व भारत की ओर से किया जा रहा है। इस अवसर पर देशभर में सहकारिता से संबंधित बैठकें, सेमिनार, कार्यशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कार्यालय सहायक निबंधक, सहयोग समितियां, खूंटी अंचल के तत्वावधान में मंगलवार को अंचल स्तरीय बैठक-सह-कार्यशाला का आयोजन सहायक निबंधक सहयोग समितियां खूंटी अंचल कार्यालय सभागार में किया गया।

बैठक की अध्यक्षता सहायक निबंधक कुमार दीप एक्का ने की। इस अवसर पर सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अरविंद सिन्हा, लक्ष्मीपति भगत, पॉल सुनील बाख्ला, लीली गुड़िया, जयंती टोप्पो, अंजू टोप्पो सहित विभिन्न प्रखंडों के लैम्पस सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के महत्व एवं उद्देश्य की जानकारी दी गई। इसके साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रमुख सहकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इनमें लैम्पस का कम्प्यूटरीकरण, गोदाम निर्माण, प्रज्ञा केंद्र और जन औषधि केंद्रों का संचालन, धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया, फर्टिलाइजर अनुज्ञप्ति प्रशिक्षण, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र एवं विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना आदि शामिल हैं।

बैठक के दौरान सहकारी योजनाओं की समीक्षा, लाभान्वितों की प्रतिक्रिया और स्थानीय स्तर पर क्रियान्वयन की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना और किसानों एवं आम नागरिकों को योजनाओं से सीधे जोड़ना था।

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