दो दिनी प्रशिक्षण कार्यशाला का धमाकेदार आगाज़!

अमृतसर | खालसा कॉलेज ऑफ एजुकेशन में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका संचालन सहायक डायरेक्टर यूथ सर्विसेज प्रीत कोहली ने किया। इस दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं के क्लबों को प्रोत्साहित करना था, जिसके तहत उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार राशि के तौर पर 5 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपये वितरण की योजना बनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. खुशविंदर कुमार और अमनप्रीत सिंह एडी ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, विशेष रूप से पराली जलाने और जैविक कृषि भूमि की रक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया।

कार्यशाला के पहले दिन, डीडीपीओ संदीप मल्होत्रा ने उपस्थित युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जो कि युवा क्लबों और गांवों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस तरह के कार्यक्रम न केवल युवाओं को जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक भी करते हैं। कार्यशाला का दूसरा दिन रक्तदान शिविर के आयोजन के साथ शुरू हुआ, जिसमें युवा क्लबों के सदस्य और रेड रिबन क्लब के सदस्य सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आए।

रक्तदान शिविर में डॉ. दलजीत कौर, जो सिविल हॉस्पिटल अमृतसर में ब्लड ट्रांसफ्यूजन ऑफिसर हैं, ने रक्तदान के अनेक फायदों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रक्तदान न केवल जरूरतमंदों की मदद करता है, बल्कि इससे दाता के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, डॉ. चरणजीत कौर गर्ग ने नशा मुक्ति पर विचार रखते हुए युवाओं को शराब और मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने की सलाह दी।

कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण अतिथियों की उपस्थिति भी रही, जिनमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जतिंदर सिंह, वन क्षेत्रपाल मोहनदीप सिंह, और अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे। इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन न केवल युवाओं के ज्ञान वर्धन में सहायक है, बल्कि यह उनके सामाजिक और व्यक्तिगत विकास के लिए भी आवश्यक है। इस कार्यशाला ने युवाओं को एकजुट होकर समाज के उत्थान के लिए काम करने की प्रेरणा दी और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग किया।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें सामुदायिक विकास के लिए प्रेरित करना था। इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस कार्यशाला के द्वारा प्राप्त ज्ञान और प्रेरणा, युवा क्लबों की गतिविधियों में उन्नति लाने में सहायक साबित होगी।