अमृतसर: अंतरराज्यीय हथियार तस्करी का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, पिस्टल और बाइक जब्त!
पंजाब के अमृतसर जिले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय पुलिस ने तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से दो 32 बोर और एक 30 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक बाइक भी बरामद की गई है। इस कार्रवाई का आयोजन गेट हकीमां थाना क्षेत्र के माता भद्रकाली मंदिर के निकट किया गया। इस सफलता को लेकर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर, गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी साझा की।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान पीयूष, कमल सिंह उर्फ कालू और स्वयं उर्फ भोलू के रूप में हुई है। पीयूष का निवास लाहौरी गेट में है, कमल सिंह इंद्रा कॉलोनी से है, और स्वयं खजाना गेट का निवासी है। पुलिस को सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई थी कि अवैध हथियारों की तस्करी दूसरे राज्यों से अमृतसर में की जा रही है। इससे संबंधित सूचना के आधार पर, डीसीपी हरप्रीत सिंह मंडेर, एडीसीपी नवजोत सिंह और एसीपी डिटेक्टिव हरमिंदर सिंह की देखरेख में सीआईए स्टाफ-1 ने एक अभियान चलाया और आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में यह स्पष्ट होता है कि हथियार तस्करों की सप्लाई चेन में काफी गहराई थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले हथियार अवैध गतिविधियों में उपयोग किए जा सकते थे। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के पीछे और भी व्यक्ति हो सकते हैं, जो इस अवैध व्यापार में संलग्न हैं। इससे पहले भी, गिरफ्तार किए गए आरोपी कमल सिंह उर्फ कालू के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों के मामले दर्ज हुए हैं।
कमल सिंह के खिलाफ 24 सितंबर 2024 को धारा 25/27/54/59 आर्म्स एक्ट और धारा 125 BNS के तहत गेट हकीमां थाने में मामला दर्ज किया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि ये आरोपी पहले से ही संगठित अपराध में लिप्त रहे हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है। अमृतसर पुलिस की यह कार्रवाई यह साबित करती है कि अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ उनकी मुहिम लगातार जारी है।
अवश्य ही, पुलिस के इस कदम से अमृतसर में सुरक्षा स्थिति में सुधार की उम्मीद है और समाज में इस प्रकार के अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। अमृतसर पुलिस की प्रयासों को देखते हुए, आम जनता को भी सजग रहना होगा ताकि नैतिकता और कानून का उल्लंघन करने वालों को रोका जा सके। पुलिस का यह अभियान अन्य क्षेत्रों में भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा कि कैसे सहयोग और सूचना के माध्यम से अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।









