कपूरथला में 3 दिन की बस हड़ताल: 70 बसें थमीं, कांट्रैक्ट कर्मियों का हंगामा!

पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट कामकाजी यूनियन की मांगों को नजरअंदाज करने के चलते आज से 3 दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस हड़ताल के कारण कपूरथला बस स्टैंड डिपो से संचालित होने वाली 70 बसें पूरी तरह से रुक गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, आज बस स्टैंड पर पहुंचने वाले यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के दौरान केवल कुछ विशेष लंबी रूट की बसें ही चलेंगी, जिससे यात्रियों की असुविधा बढ़ सकती है।

पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रमुख गुरप्रीत सिंह पन्नू ने हड़ताल के पीछे का कारण स्पष्ट करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्ता में आने से पहले यह आश्वासन दिया था कि पंजाब में कोई भी अस्थायी कर्मी नहीं रहेगा, और उन्होंने विधानसभा के मंच से भी ठेकेदारी प्रणाली समाप्त करने का वादा किया था। लेकिन, उन्हें निराशा मिली है क्योंकि पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग में अब तक किसी भी कर्मचारी को स्थायी नहीं बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांट्रैक्ट कर्मचारियों से सम्बंधित जो भी वादे किए गए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ है।

इसलिए, पंजाब सरकार को जागरूक करने के लिए वे सोमवार से शुरू कर रहे इस सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया है। पन्नू ने और जानकारी साझा करते हुए कहा कि हड़ताल के दौरान कपूरथला डिपो से 70 बसें 3 दिन के लिए बंद रहेंगी। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं कि अस्थायी सेवाओं को जल्द स्थायी किया जाए, 10,000 नई बसों की खरीद की जाए, और माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।

इसके अलावा, पन्नू ने विभिन्न अन्य मुद्दों का भी उल्लेख किया, जैसे कि कर्मचारियों के लिए ईपीएफ और ईएसआई का नियमित रूप से योगदान नहीं दिया जा रहा है, वेलफेयर फंड, बीमा और सुरक्षा अवधि में कटौती जैसी समस्याएँ। ये सभी मुद्दे कर्मचारी समुदाय के लिए गंभीर हैं और उनके समाधान की आवश्यकता है।

इस हड़ताल से प्रभावित होकर यात्रियों को यात्रा में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, और यह स्थिति तब और अधिक गंभीर हो सकती है जब हड़ताल की अवधि बढ़ती है। ऐसे में राज्य सरकार और ट्रांसपोर्ट विभाग को इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पार्श्व के इन महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हो सके और यात्रियों की परेशानियों को कम किया जा सके।