जालंधर में बुजुर्ग से 22 लाख की ठगी: कॉल पर मिलने का वादा कर खाली किया खाता!
जालंधर में एक बुजुर्ग से निवेश के नाम पर 22 लाख रुपये की ठगी की घटना सामने आई है। पीड़ित महिंदर सिंह, जो शहर के डिफेंस कॉलोनी में रहते हैं, ने कमिश्नरेट पुलिस को इस मामले की शिकायत दी। आरोपियों ने फोन के माध्यम से उन्हें मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी की। इस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने केरल और मध्य प्रदेश के चार आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार, महिंदर सिंह ने बताया कि पिछले साल सितंबर में उन्हें एक कॉल आई थी। इस कॉल में आरोपी ने खुद को एक बड़ा अधिकारी बताते हुए निवेश के फायदों के बारे में बात की। आरोपी ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि यदि वह पैसे निवेश करेगा, तो उसे जल्द ही बहुत अधिक लाभ होगा। बातचीत के दौरान आरोपी द्वारा दिए गए झूठे आश्वासन और लालच के प्रभाव में आकर महिंदर सिंह ने अपने खातों में से पैसे निकालकर आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
बुजुर्ग महिंदर ने जैसे ही ठगी का एहसास किया, तुरंत पुलिस के पास जाकर इस मामले की शिकायत की। पुलिस द्वारा शुरू की गई जांच में केरल निवासी विवेक और मध्य प्रदेश के एक अज्ञात व्यक्ति के नाम सामने आए हैं। एंटी फ्राॅड विंग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच को आगे बढ़ाया। बारादरी थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है और पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है।
यह घटना न केवल महिंदर सिंह के लिए बल्कि समाज के अन्य सदस्यों के लिए भी एक चेतावनी है। बढ़ती ऑनलाइन ठगी और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों से सावधान रहना आवश्यक है। विशेषकर बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि वे ऐसे फर्जी निवेश योजनाओं का शिकार न हों। पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि ठगी करने वालों को जल्दी पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस संपूर्ण घटना ने यह भी उजागर किया है कि तकनीकी प्रगति के साथ ठगी के नए तरीके भी उभरते जा रहे हैं। इसलिए, हर व्यक्ति को चाहिए कि वह फर्जी कॉल और संदेशों से सावधान रहे और कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर विश्वास न करें। पुलिस ने लोगों को इस तरह की घटनाओं के बारे में जागरूक करने और ठगी की शिकार बनने से बचने के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी है।









