फरीदकोट में NRI घर पर हमला, दो घायल; तेजधार हथियार से वार, जमीन केस विवाद!

फरीदकोट मेंभूमि विवाद के चलते एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें 8-10 हथियारबंद लोगों ने एक एनआरआई के घर पर हमला कर दिया। इस हमले के दौरान एनआरआई का बेटा और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। यह घटना सोमवार शाम लगभग 4 बजे की बताई जा रही है।

गांव कम्मेआना के निवासी मुकंद सिंह संधू ने बताया कि वह अपने एनआरआई बेटे नरिंद्रपाल सिंह संधू और उनकी पोती के साथ अपने घर पर मौजूद थे। तभी अचानक 8 से 10 व्यक्ति हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए। इन हमलावरों ने पहली नजर में ही घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने नरिंद्रपाल और उनके एक रिश्तेदार पर बुरी तरह से हमला किया। बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोग उनके गांव के रहने वाले जस्सा और उसके पिता भी शामिल थे। ये सभी लोग उनकी 2 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर न्यायालय में चल रहे मामले से जुड़े हुए हैं।

घटना के बाद, घायल एनआरआई नरिंद्रपाल सिंह संधू ने कहा कि वह पिछले 40 वर्षों से कनाडा में रह रहे हैं। हाल ही में, वह अपनी बेटी को पंजाब में शिक्षा दिलाने के लिए लाए थे। लेकिन जिस प्रकार से उन पर हमला हुआ है, उससे उन्हें महसूस हुआ कि अब यहां कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावरों ने उनकी पगड़ी उतारकर उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, जिससे वह बेहद दुःखी हैं।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना सिटी-2 के एसएचओ सुखदर्शन शर्मा मौके पर पहुंचे और घायलों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने जानकारी दी कि दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और घायलों के बयान दर्ज किए जाएंगे ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। जांच में शामिल सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, पुलिस मामले की प्रगति करेगी और हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल पैदा करती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि भूमि विवाद के चलते अपराध की स्थिति किस स्तर तक जा सकती है। समाज में ऐसी वारदातें निंदनीय हैं और इसके लिए सख्त कानूनों की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। स्थानीय प्रशासन को इस मामले पर ध्यान देते हुए खतरे की गंभीरता को समझना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि निवासियों की सुरक्षा को सर्वोत्तम प्राथमिकता दी जाए।