पंजाब में रजिस्ट्री संकट: रिश्वतखोरी आरोप में गिरफ्तार एसोसिएशन प्रधान की रिहाई की मांग!

पंजाब में राजस्व अधिकारी एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारी सोमवार को पंजाब विजिलेंस के खिलाफ मंत्री से मुलाकात करने जा रहे हैं। यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे बुधवार, 18 दिसंबर को पूरे राज्य में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री को रोक देने की घोषणा कर चुके हैं। यह विरोध उस समय उठ रहा है जब एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखचरण सिंह चन्नी को हाल ही में बरनाला में विजिलेंस द्वारा रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आंदोलन की जानकारी साझा की गई।

पंजाब की राजस्व अधिकारियों की टीम पहले ही 28 और 29 नवंबर को सामूहिक अवकाश लेकर अपनी बात रखने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन इस बार उन्होंने ठान लिया है कि यदि सुखचरण चन्नी के खिलाफ मामला यथाशीघ्र वापिस नहीं लिया गया, तो वे अपनी गतिविधियों को और भी तीव्र कर देंगे। वे पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री कार्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने के लिए तैयार हैं। यह न सिर्फ एक पेशेवर समस्या को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक ढांचे में भी असंतोष की ओर इशारा करता है।

गौरतलब है कि एसोसिएशन के अधिकारी यह महसूस कर रहे हैं कि चन्नी की गिरफ्तारी अवैध है, जिसके चलते उन्होंने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। वे सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सब रजिस्ट्रार और डीआरओ जैसे पदाधिकारियों को विरोध स्वरूप सामूहिक अवकाश लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल अपनी आवाज उठाना ही नहीं, बल्कि न्याय की मांग करना भी है। अधिकारी मानते हैं कि इस प्रकार का कार्रवाई उनके पेशेवर जीवन और समाज की नैतिकता को प्रभावित कर रहा है।

इस प्रकार की घटनाएं केवल एक स्थानीय मुद्दे तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि इससे पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचलें भी उत्पन्न हो सकती हैं। राजस्व अधिकारियों का यह समूह अपने नेता के समर्थन में एकजुट होकर खड़ा हुआ है, जिसे उन्हें सही मानते हैं। यदि यह मामला और अधिक बिगड़ता है, तो इससे न केवल रजिस्ट्री का काम प्रभावित होगा, बल्कि प्रशासन की छवि पर भी दाग लगेगा।

अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि पंजाब में चल रहे इस विवाद ने सभी की निगाहें अपनी ओर खींची हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की इस स्थिति के प्रति लोगों में जिज्ञासा बढ़ती जा रही है। क्या सरकार इस मुद्दे का हल निकाल पाएगी? या यह मामला और अधिक जटिल हो जाएगा? आने वाला समय इस प्रश्न का उत्तर देगा।