लुधियाना निगम चुनाव: 447 उम्मीदवारों में से 216 ने नामांकन वापस लिया, 19 अयोग्य घोषित!

पंजाब के लुधियाना में नगर निगम चुनाव 21 दिसंबर को होने जा रहे हैं, और चुनावी परिणाम भी उसी दिन शाम को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में कुल 447 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, जबकि 216 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, शहर में कुल 1,223 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहाँ 11,61,689 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें से 6,22,150 पुरुष और 5,39,436 महिला मतदाता हैं, जबकि 103 ट्रांसजेंडर मतदाता भी शामिल हैं।

चुनाव मैदान में प्रतिस्पर्धा के चलते 19 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए हैं। इनमें पांच भाजपा के उम्मीदवार भी शामिल हैं, जिनमें वार्ड नंबर 5 से रवि चौरसिया, वार्ड नंबर 32 से रमन कुमार हीरा, वार्ड नंबर 45 से हरप्रीत कौर, वार्ड नंबर 83 से नमिता मल्होत्रा और वार्ड नंबर 85 से दीपिका दिसावर का नाम है। इन प्रत्याशियों का नामांकन पत्र त्रुटियों के कारण रद्द किया गया है, जिससे वे अब चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं।

भाजपा अध्यक्ष रजनीश धीमान ने आम आदमी पार्टी (आप) पर आरोप लगाया है कि पार्टी अपनी हार को लेकर चिंतित है और इसीलिए भाजपा के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कराने की कार्रवाई की गई है। वहीं, तीन दिन पहले भाजपा से बगावत करके आजाद उम्मीदवार बनकर चुनाव लड़ने वाले वार्ड नंबर 83 के दविंदर जग्गी को भाजपा ने अपना समर्थन दे दिया है। जग्गी पहले भी भाजपा के पार्षद रह चुके हैं और अब उनकी भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण होगी।

लुधियाना के 9 वार्डों में ऐसे महत्वपूर्ण नेता हैं जिनकी जीत हार पर उनकी राजनीतिक भविष्य पर असर डाल सकती है। उदाहरण के लिए, वार्ड नंबर 34 से पूर्व मेयर हाकम सिंह ग्यासपुरा के बेटे जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने शिअद का समर्थन प्राप्त किया है। इसी तरह, वार्ड नंबर 48 से रखविंदर सिंह गाबड़िया को शिअद ने टिकट दिया है, जबकि भाजपा की ओर से कृपाल सिंह और कांग्रेस की ओर से सुखविंदर चुनाव लड़ रहे हैं।

वार्ड नंबर 50 में आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे युवराज सिंह भी चुनावी मैदान में हैं, जिन्हें भाजपा, शिअद और कांग्रेस से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इससे इतर, वार्ड नंबर 60 से आप विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी की पत्नी डा. सुखचैन कौर बस्सी भी चुनावी दौड़ में हैं, जहां कांटे की टक्कर रहेगी। वार्ड नंबर 61 में कांग्रेस के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी ममता आशु भी चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं।

वार्डों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ ही, सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। यह चुनाव केवल प्रत्याशियों की जीत हार का सवाल नहीं है बल्कि उन राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा का भी मुद्दा बन चुका है जो इन वार्डों में अपनी स्थिति को मज़बूत करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में ये चुनाव लुधियाना के राजनीतिक भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।