बटाला में संदिग्ध मौत का राज़! हत्या का शक- परिवार का आरोप, पुलिस ने शव कब्जे में लिया
बटाला नगर में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थियों में मृत्यु हो गई है, जिसे लेकर उसके परिवार ने हत्या का संदेह जताया है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय रणजोध सिंह के रूप में हुई है। परिवारवालों के द्वारा हत्या के संभावित आरोप लगाए जाने के बाद, पुलिस ने मृतक के अंतिम संस्कार को रोकते हुए उसका शव अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सिटी, संजीव कुमार और उनकी पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंचे और तहकीकात आरंभ की।
मृतक के एक रिश्तेदार, हरविंदर सिंह ने बताया कि रणजोध सिंह के मामा का हाल ही में निधन हुआ था और रणजोध ने 60 फुट रोड पर एक नई कोठी ली थी। हरविंदर ने बताया कि उन्हें कल जानकारी मिली थी कि रणजोध सिंह का दिल का दौरा पड़ने से देहांत हुआ है और उसका अंतिम संस्कार औलख कलां में किया जा रहा है। लेकिन जब वे अपने गांव औलख पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि रणजोध की गर्दन पर संदिग्ध निशान हैं, जिससे उनके परिवार में चिंता की लहर दौड़ गई।
हरविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें रणजोध की मृत्यु संदिग्ध लग रही है। इसलिए वह पुलिस से अनुरोध कर रहे हैं कि उस मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जाए। यह नया मोड़ मामले को और जटिल बनाता है, क्योंकि परिवार चाहता है कि सत्य सामने आए और दोषियों को सजा मिले।
डीएसपी संजीव कुमार ने पुष्टि की है कि पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई और घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी कदम उठाए गए। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल भेजा गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके साथ ही, परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि हत्या के संभावित कारण का पता लगाने हेतु पुलिस द्वारा सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और जो भी विवरण सामने आएंगे, उस आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पुलिस की तत्परता और विस्तृत जांच से यह आशा की जा रही है कि जल्द ही सच्चाई सामने लायी जाएगी और मृतक के परिवार को न्याय मिलेगा। यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए भी एक चेतावनी है कि ऐसे मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है और कानून व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। बटाला में इस प्रकार की घटनाएं न केवल पीड़ित परिवार के लिए दुखदाई होती हैं, बल्कि समाज में भी एक असुरक्षा का माहौल बनाती हैं।









