अमृतसर में युवा इंटर्नशिप लांच: ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा अवसर, आवेदन की अंतिम तिथि 5 जनवरी!

अमृतसर में, जिला प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी के मार्गदर्शन में एक अभिनव पहल शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत ग्रेजुएट युवाओं के लिए एक युवा इंटर्नशिप कार्यक्रम की घोषणा की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2025 रखी गई है। यह कार्यक्रम युवाओं को प्रशासनिक एवं विकास परियोजनाओं में संलग्न होकर अपनी काबिलियत साबित करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे जिले की प्रगति में योगदान दे सकें।

डीसी साक्षी साहनी ने बताया कि यह योजना मुख्यतः युवाओं को व्यावसायिक कौशल सिखाने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए बनाई गई है। आवेदन करने वाले युवाओं को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना अनिवार्य है, और उनकी आयु 1 जनवरी 2025 तक 21 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। प्रशिक्षण का कार्यकाल तीन महीने का होगा, जिसमें आवेदकों को डाटा विश्लेषण, परियोजना प्रबंधन, संचार कौशल इत्यादि में दक्षता प्राप्त करनी होगी।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत चुने गए इंटर्न सरकारी विकास एवं प्रबंधन परियोजनाओं के डिजाइन और कार्यान्वयन में योगदान करेंगे। इसके अलावा, वे डेटा संग्रहण एवं निर्णय लेने की प्रक्रियाओं के लिए रिपोर्ट तैयार करने के साथ-साथ कार्यशालाओं और सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन भी करेंगे। साक्षी साहनी ने कहा कि इस अवसर से युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे वे भविष्य में चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।

उल्लेखनीय है कि तीन माह के प्रशिक्षण के बाद, सभी सफल इंटर्नों को डिप्टी कमिश्नर द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी, जिसमें प्रारंभिक जांच और साक्षात्कार शामिल है। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए किसी प्रकार का चुनाव भत्ता नहीं दिया जाएगा और जिला प्रशासन का निर्णय अंतिम होगा।

युवाओं को ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन के लिए उन विषयों में स्नातक होना आवश्यक है जो सार्वजनिक नीति, सामाजिक विज्ञान, इंजीनियरिंग, पर्यावरण, प्रबंधन, डेटा विश्लेषण, कानून, मीडिया और स्वास्थ्य विज्ञान से संबंधित हैं। इच्छुक आवेदक अधिक जानकारी के लिए ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं या दिए गए लिंक पर जाकर आवेदन पत्र भर सकते हैं। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम न केवल व्यक्तिगत विकास को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।