पंजाब के 7 जिलों में धुंध का खतरा, तापमान और भी गिरेगा; राज्य में हालात गंभीर
पंजाब के कुछ जिलों में आज भी धुंध के प्रभावों का सामना किया जा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह में राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी का अनुमान है। पश्चिमी हिमालय की ओर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बढ़ गई है। यदि बर्फबारी होती है, तो इससे मैदानी इलाकों में ठंड का असर और बढ़ जाएगा, जिससे सर्दी का अनुभव और भी तीव्र हो सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के सात जिलों – अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में आज धुंध का प्रभाव देखने को मिलेगा। हालांकि, दिन के समय में आसमान साफ रहने की उम्मीद है। दूसरी ओर, चंडीगढ़ में मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और वहां पर फिलहाल कोई प्रदूषण या मौसम संबंधित चेतावनी जारी नहीं की गई है। नोट करने वाली बात यह है कि नवंबर के अंत तक पंजाब में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिसके चलते ठंडी का एहसास और अधिक बढ़ता जाएगा।
चंडीगढ़ में प्रदूषण के स्तर में लगातार कमी आई है। यहां का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 200 से कम हो गया है, जबकि पिछले दिनों यह 300 के पार पहुँच गया था। इसके विपरीत, पंजाब के अन्य हिस्सों में प्रदूषण की समस्या लगातार बनी हुई है। इसमें विशेष रूप से पटियाला सबसे अधिक प्रदूषित शहर साबित हो रहा है, जहां एक्यूआई 250 दर्ज किया गया है। इसके अलावा, लुधियाना में एक्यूआई 245, अमृतसर में 241, मंडी गोबिंदगढ़ में 240 और जालंधर में 234 रिपोर्ट किया गया है।
चंडीगढ़ के मौसम का हाल देखते हुए, यहां आज हल्की धुंध का अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन दोपहर के बाद धूप खिलने का अनुमान है। तापमान 10 से 27 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। अमृतसर में भी आज धुंध का अलर्ट है, जिससे यहां का तापमान 12 से 26 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। जालंधर, लुधियाना और पटियाला में भी धुंध का असर देखने को मिलेगा, जहां तापमान क्रमशः 10 से 25 डिग्री, 11 से 26 डिग्री, और 11 से 27 डिग्री के बीच रहने की संभावनाएं हैं।
संक्षेप में, पंजाब का मौसम इस समय धुंध और ठंड के बीच एक प्रमुख स्थिति में है, जबकि चंडीगढ़ में वातावरण में सुधार देखने को मिल रहा है। राज्य में तापमान में गिरावट और बर्फबारी की संभावनाओं से सर्दियों के प्रभाव बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य पर होने वाले प्रतिकूल प्रभावों से बचा जा सके।









