लुधियाना में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस: उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, सीएम और 400 कृषि विशेषज्ञ होंगे शामिल!
लुधियाना में मंगलवार को देश के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रदेश के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आगमन की तैयारी जोरों पर है। मुख्यमंत्री मान आज शाम को लुधियाना पहुंचने वाले हैं, जबकि बाकी दिग्गज नेताओं का आगमन कार्यक्रम के समय होगा। इस अवसर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में एक अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कृषि के क्षेत्र में 400 से अधिक विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आज PAU में इस कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया, जिसमें उप-राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संबोधन की भी योजना है। डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र जोरवाल ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, नीतियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बारे में जागरूक करना है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से किसानों को नई जानकारियों और संसाधनों का लाभ मिलने की संभावना है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में खेती से संबंधित नई तकनीकों पर गहन चर्चा होगी, जिससे किसानों की उत्पादन ओर लाभ कमाने की क्षमता में सुधार होगा। सम्मेलन में कुल 800 सीटों की व्यवस्था की गई है ताकि हर विशेषज्ञ और आमंत्रित व्यक्ति को बैठने का स्थान मिल सके। सुरक्षा के लिहाज से, इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जाएगी, जिसमें सीसीटीवी कैमरों का उपयोग और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर निगरानी रखी जाएगी।
फिरोजपुर रोड पर जाम की स्थिति से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हर चौक पर तैनात किया जाएगा। ऐसे में, इन्हें विभिन्न स्थानों पर तैनात करना होगा ताकि कोई भी समस्या उत्पन्न न हो सके। समारोह के अंतर्गत, उप-राष्ट्रपति धनखड़ महाराजा सतपाल मित्तल स्कूल, दुगरी में 730 छात्रों को सम्मानित भी करेंगे, जो शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के दौरान समस्त रवाना और आगमन को निर्देशित किया जाएगा ताकि सुरक्षा किसी भी प्रकार से बाधित न हो।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा। यह न केवल तकनीकी चर्चाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म होगा, बल्कि यह किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच अधिक से अधिक संवाद को प्रोत्साहित करेगा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से, पंजाब की कृषि में आवश्यक सुधार लाना और किसानों की आय को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।









