पाकिस्तान से आतंक का फरमान: पंजाब में शिवसेना नेता के घर हमला!

पंजाब के लुधियाना में शुक्रवार, 1 नवंबर की रात को शिवसेना नेता हरकीरत सिंह खुराना के आवास पर हुए पेट्रोल बम हमले का आतंकवादी कनेक्शन उजागर हुआ है। यह हमला पाकिस्तान में छुपे बल्ले के आतंकवादी रणजीत नीत के द्वारा आयोजित किया गया था। रणजीत नीत, जो भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है, के प्रमुख हैंडलर फतेह सिंह बागी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एक ईमेल के जरिए बताया कि यह कदम केवल एक चेतावनी था, और अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

फतेह सिंह बागी ने इस धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा कि पिछले कुछ समय में हिंदू आतंकियों के ठिकानों पर पेट्रोल बम हमले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों द्वारा लगातार सिखों के जख्मों पर नमक छिड़का जा रहा है, और सरकार 1984 के सिख नरसंहार से जुड़े आरोपियों को प्रोत्साहित कर रही है। बागी ने चेतावनी दी है कि अगर सिख विरोधी गतिविधियों का अंत नहीं हुआ, तो इससे भी गंभीर परिणाम सामने आएंगे।

1970 के दशक में सांबा और आरएसपुरा में छोटे-मोटे अपराध करने वाले रणजीत नीत ने बाद में आतंकवादी गतिविधियों में संलग्न होने के लिए पाकिस्तानी तस्करों के साथ संबंध बनाए। उसे आईएसआई द्वारा बम विस्फोट और हैंड ग्रेनेड फेंकने की ट्रेनिंग दी गई, और हाल ही में चर्चा थी कि उसकी मृत्यु हो गई है, लेकिन अब वह फिर से सक्रिय हो गया है।

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की लेकिन आरोपी की पहचान नहीं हो पाई। लुधियाना पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए विभिन्न एंगल से जांच शुरू की है। हाल ही में CCTV वीडियो में तीन युवा बाइक पर आते हुए और बम से हमला करते हुए देखा गया। हमला करने के बाद ये लोग तुरंत भागने में सफल हो गए।

इस घटना के बाद, हरकीरत सिंह खुराना ने बताया कि उन्हें अज्ञात नंबरों से धमकियां मिलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि हमले से पहले भी उन्हें इसी तरह की धमकी मिली थी। खुराना ने पुलिस से अपील की है कि जल्द से जल्द हमलावरों को पकड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन उनके संपर्क में है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।

यह हमला 15 दिनों में दूसरी बार हुआ है, इससे पहले भी शिवसेना भारतीय नेता योगेश बख्शी के घर पर ऐसा ही एक हमला हुआ था। हिंदू नेताओं ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि उन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संघर्ष करने के लिए तैयार रहें। लुधियाना में एक बार फिर से सिख समुदाय के सदस्यों के लिए एक नई चेतावनी के संकेत सामने आए हैं, जिससे यहां का माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है।