पटियाला: खाद विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द, जमाखोरी पर शख्त कार्रवाई की चेतावनी!

पटियाला में किसान हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, जिला प्रशासन ने बिना अनुमति के खाद का भंडारण करने के आरोप में शारदा केमिकल्स, घग्गा का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व डीसी डॉ. प्रीति यादव ने किया, जिसके तहत कृषि और किसान भलाई विभाग द्वारा विभिन्न खादों, जैसे कि डीएपी, की उपलब्धता की नियमित जांच की जा रही थी। यह कदम किसानों के आर्थिक शोषण को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्य कृषि अधिकारी डा. जसविन्द्र सिंह ने बताया कि डीसी के निर्देशानुसार, पटियाला जिले के सभी खाद विक्रेताओं के स्टॉक की गहराई से जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान, शारदा एग्रो केमिकल्स घग्गा के रिकॉर्ड में एक गंभीर खामी पाई गई। इस फर्म ने अपने फर्टिलाइज़र लाइसेंस के तहत आवश्यक खाद की जानकारी नहीं दी थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि फर्म ने बिना सही रिकॉर्ड के बड़ी मात्रा में यूरिया और अन्य खाद का भंडारण कर रखा था।

कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस गड़बड़ी के कारण फर्म की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। उर्वरक लाइसेंसिंग के नियमों और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 8 के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की गई। इस संदर्भ में, संबंधित फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

डीसी डॉ. प्रीति यादव ने भी इस दौरान किसानों के हितों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पटियाला जिले में बीज, कीटनाशकों, और खादों की बिक्री पर निगरानी रखने के लिए टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। उनका यह स्पष्ट संदेश था कि किसी भी व्यक्ति को किसानों का शोषण करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए, और जो भी अवैध गतिविधियों में लिप्त है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब सरकार का यह कदम न केवल किसानों के अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह खाद की गुणवत्ता और उपलब्धता पर भी सकारात्मक प्रभाव डालने वाला है। प्रशासन का यह त्वरित और ठोस निर्णय किसानों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाता है और यह संकेत है कि भविष्य में कोई भी निजी या सार्वजनिक संगठन यदि नियमों का उल्लंघन करेगा, तो उसे बिना किसी संकोच के दंडित किया जाएगा।