मोहाली में 2.45 लाख की ठगी: टेलीग्राम से जोड़कर फर्जी वेबसाइट से धोखा!
पंजाब के मोहाली जिला स्थित डेराबस्सी में एक युवक के साथ ठगी का एक ताजा मामला सामने आया है। पीड़ित युवक आदित्य ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि उसे टेलीग्राम पर एक फर्जी बिजनेस ग्रुप में शामिल किया गया, जिसके चलते उससे 2 लाख 45 हजार 302 रुपये की धोखाधड़ी की गई। आदित्य, जो एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा है और साथ ही सीए की पढ़ाई कर रहा है, अब आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं।
आदित्य ने अपने शिकायत में बताया कि उसे टेलीग्राम पर एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें उसे 78 सदस्यों वाले बिजनेस ग्रुप का हिस्सा बनाया गया। इस ग्रुप में मौजूद लोगों ने उसे बड़े पैमाने पर पैसे कमाने के झूठे आश्वासन दिए। ग्रुप के माध्यम से उसे एक वेबसाइट पर होटल का कमरा बुक करने का काम सौंपा गया, जिसे उसने सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद उसे गूगल पे के माध्यम से 1017 रुपये का छोटा सा भुगतान मिला। इस राशि को देखकर आदित्य को विश्वास हो गया कि यह एक लाभदायक अवसर है और उसने अपनी मेहनत से आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
हालांकि, ग्रुप के संचालकों ने आदित्य पर दबाव डाला कि वह अधिक पैसे जमा करे, ताकि उसे एक बड़ी राशि का लाभ मिल सके। उन्होंने उसे बताया कि यदि वह और पैसे डालता है, तो उसे उसके खाते में बढ़ती हुई रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी। लेकिन जब आदित्य ने बार-बार पैसे ट्रांसफर किए, तो उसे यह जानकर बहुत आघात हुआ कि उसके खाते से 2 लाख 45 हजार 302 रुपये गायब हो गए हैं। इस हरकत से आदित्य की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ उसकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हुई।
धोखाधड़ी का अहसास होते ही आदित्य ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। यह मामला एक गंभीर साइबर क्राइम के रूप में उभरा है, जो अन्य युवाओं के लिए भी चेतावनी का विषय है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और ठगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। साइबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति ने युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर किया है। ऐसे फर्जी ग्रुपों से जुड़ने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
इस घटना ने इंटरनेट पर होने वाले धोखाधड़ी के मामलों में सजगता की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे ऐसे संदेशों पर ध्यान न दें और अगर उन्हें संदेह हो, तो तुरंत रिपोर्ट करें। इस प्रकार के अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही सबसे सही उपाय है। आशा की जाती है कि पुलिस जल्द ही ठगों का पता लगाने में सफल हो जाएगी, ताकि अन्य लोगों को इनसे सुरक्षित रखा जा सके।









