पलामू डिवीजन की नौ विस सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला

पलामू डिवीजन की नौ विस सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला

पलामू, 12 नवंबर (हि.स.)। झारखंड विधानसभा चुनाव के फर्स्ट फेज में बुधवार 13 नवंबर को 15 जिलों की 43 सीटों पर वोटिंग होगी। इसमें 9 सीटें पलामू डिवीजन की भी है। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर गढवा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा के सतेन्द्र नाथ तिवारी को हराया था। हालांकि, इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। समाजवादी पार्टी से गढ़वा के पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होगा।

भवनाथपुर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री और भाजपा के विधायक भानू प्रताप शाही पुनः चुनाव मैदान में हैं। 2019 के चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। यहां से झामुमो के उम्मीदवार अनंत प्रताप देव से उनका सीधा मुकाबला माना जा रहा है। हुसैनाबाद विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री और विधायक व बीजेपी उम्मीदवार कमलेश कुमार सिंह अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बतौर एनसीपी उम्मीदवार 2019 के चुनाव में उन्होंने यहां से जीत दर्ज की थी। इस बार वे बीजेपी में शामिल होकर भाजपा उम्मीदवार हैं। उन्होंने 2019 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के संजय कुमार सिंह यादव को 9849 मतों से पराजित किया था। इस चुनाव में भी इन्हीं दो के बीच मुकाबला माना जा रहा है।

छतरपुर एससी रिजर्व सीट से दूसरी बार भाजपा उम्मीदवार के तौर पर क्षेत्रीय विधायक पुष्पा देवी चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार और इस विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक रहे राधाकृष्ण किशोर से माना जा रहा है। इस सीट पर इंडिया गठबंधन दोस्ताना संघर्ष करते नजर आ रहा है। राष्ट्रीय जनता दल से विजय राम चुनाव मैदान में हैं।

डालटनगंज विधानसभा सीट से तीसरी बार आलोक चौरसिया चुनाव मैदान में हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में आलोक चौरसिया झारखंड विकास मोर्चा से पहली बार विधायक चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद झाविमो का विलय भारतीय जनता पार्टी में हो गया था। वर्ष 2019 में बतौर भाजपा उम्मीदवार आलोक चौरसिया चुनाव मैदान में उतरे थे और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णानंद त्रिपाठी को 21 हजार 549 मतों से शिकस्त दी थी। आलोक को जहां 1 लाख 3 हजार 350, वहीं त्रिपाठी को 81 हजार 801 मत मिले थे। हालांकि, इस बार के चुनाव में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। इस सीट से पांच बार के विधायक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी के पुत्र दिलीप सिंह नामधारी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

पांकी विधानसभा सीट से दूसरी बार शशिभूषण मेहता भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में उन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने इस सीट से दो बार विधायक रहे स्व. विदेश सिंह के पुत्र देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू को हराया था। पुनः दोनों के बीच मुकाबला माना जा रहा है लेकिन यहां से आजाद समाज पार्टी के मुमताज अहमद खान एवं निर्दलीय कुशवाहा विनोद सिन्हा भी टक्कर देते नजर आ रहे हैं।

विश्रामपुर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री एवं निवर्तमान विधायक रामचन्द्र चन्द्रवंशी 80 वर्ष की आयु में एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। पिछला चुनाव भी उन्होंने जीता था एवं राजद के राजेश मेहता उर्फ राजन मेहता को 8 हजार 513 मतों से शिकस्त दी थी। चन्द्रवंशी को जहां 40 हजार 635 मत मिले थे, वहीं राजन मेहता को 32 हजार 122 वोट प्राप्त हुए थे। इस सीट पर राजद से नरेश सिंह, सपा से अंजु सिंह एवं कांग्रेस से सुधीर चन्द्रवंशी चुनाव मैदान में हैं।

लातेहार एससी रिजर्व सीट से सिटिंग विधायक बैजनाथ राम एवं पूर्व विधायक प्रकाश राम के बीच मुकाबला माना जा रहा है। बैजनाथ राम जेएमएम से जबकि प्रकाश राम बीजेपी से चुनाव मैदान में हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में 16 हजार से अधिक मतों से बैजनाथ राम ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी के रघुपाल सिंह को हराया था।

मनिका एसटी रिजर्व सीट से रामचन्द्र सिंह बतौर कांग्रेस उम्मीदवार एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से बीजेपी पूर्व विधायक हरिकृष्णा सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में इन्हें टिकट नहीं दिया था। इसी सीट से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे मुनेश्वर उरांव निर्दलीय भी चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में यहां मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है।

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