गुरदासपुर में हादसे की आड़ में हत्या? युवक की टक्कर से मौत, धमकी का शक
गुरदासपुर जिले के धारीवाल स्थित खुडा मोड़ गांव में 11 नवंबर की रात एक युवक जसवंत की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। 22 वर्षीय जसवंत, जो कि नौशहरा बहादुर का निवासी था, को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अवस्था में उसे तुरंत गुरदासपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे अमृतसर रेफर किया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान जसवंत की मृत्यु हो गई, जिससे परिवार में शोक की लहर फैल गई है।
युवक के परिजन इस घटना को केवल एक सड़क हादसा नहीं मानते, बल्कि उनका आरोप है कि जसवंत की हत्या की गई है। उनके अनुसार, जसवंत के सिर पर किसी नुकीली वस्तु से हमला किया गया था, जो एक गंभीर चोट का कारण बनी। युवक के भाई बलवंत और पिता अमानत ने बताया कि 11 नवंबर की शाम, गांव का एक मित्र जसवंत को घर से बुलाकर ले गया था और रात भर वह वापस नहीं आया। अगली सुबह उन्हें सोशल मीडिया पर जसवंत के सड़क हादसे की जानकारी मिली जिसमें उसकी हालत का उल्लेख किया गया था।
जब परिजन गुरदासपुर के सिविल अस्पताल पहुंचे, तो पता चला कि जसवंत को गंभीर चोटों के कारण अमृतसर रेफर कर दिया गया था। अमृतसर पहुँचने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनके बेटे की मृत्यु हो चुकी है। परिजनों का कहना है कि जसवंत के साथ पूरी योजना के तहत हमला हुआ और गाँव के एक युवक ने कुछ दिन पहले उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में उन्होंने संदेह व्यक्त किया है कि वही युवक या उसके साथी उसके बेटे की हत्या में शामिल हो सकते हैं।
धारीवाल पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच प्रगति पर है। थाना धारीवाल की एसएचओ बलजीत कौर ने बताया कि उन्हें 11 नवंबर की रात खुडा मोड़ पर एक चोटिल युवक के बारे में सूचना मिली और उसे सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सभी संभावनाओं की जांच कर रही है। परिवार ने पुलिस से अपील की है कि हत्या के मुख्य संदिग्ध व्यक्तियों से सख्ती से पूछताछ की जाए और सभी प्रत्याशित हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
यह मामला न केवल एक युवक की हत्या का संवेदनशील मुद्दा है, बल्कि यह युवाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाता है। ऐसे हादसे समाज में भय का माहौल पैदा करते हैं और परिवारों के लिए एक गहन संकट का कारण बनते हैं। यह जरूरी है कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करे और हत्यारों को सजा दी जाए ताकि ग्रामीणों के बीच सुरक्षा की भावना बनी रहे।









