अबोहर में देवी-देवताओं की बेअदबी पर बवाल: हिंदू संगठन आक्रोशित, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग!
अबोहर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने धार्मिक आयोजन के दौरान देवी-देवताओं की बेअदबी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर थाना सिटी 2 में शिकायत दर्ज करवाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात को नई आबादी क्षेत्र में आयोजित जागरण के कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं की झांकियां बनाई गई थीं, जो उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था। शिकायत के अनुसार, इस घटना से समूह के सदस्यों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया।
जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी ललित सोनी, सुनील वाटस, और मनीष गोयल शामिल हैं, जिन्होंने रविवार को पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में कहा गया है कि ऐसा करने वालों को कार्यक्रम के दौरान रोका गया था, लेकिन वे किसी भी प्रकार से अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। यह देखना जरूरी हो गया कि ऐसी घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले पर थाना प्रभारी प्रमिला रानी ने यह आश्वासन दिया कि पुलिस की ओर से तत्परता से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने बताया कि साफ तौर पर धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में, अध्ययन पूरी होने के बाद सशक्त कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस विरोध प्रदर्शन में अन्य प्रमुख सदस्य भी शामिल थे, जैसे मुकेश छाबरा, पंकज स्वामी, अनिकेत तुलानी, एडवोकेट मनीष गोयल, सोनू कटारिया, पार्थ कालिया, धर्मेश मक्कड़, मनीष नागपाल और अविनाश तिन्ना। ये सभी प्रतिनिधि एकजुट होकर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की मांग कर रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे हर हाल में देवी-देवताओं के प्रति सम्मान की रक्षा करेंगे और यदि कोई ऐसा दुर्व्यवहार करेगा, तो वह कानून के दायरे में आएगा।
इस घटनाक्रम ने अबोहर में धार्मिक संवेदनाओं को उत्तेजित किया है, और ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर भी चर्चा चल रही है। लोगों की मांग है कि धार्मिक स्थलों और आयोजनों का सम्मान किया जाए। पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई फिलहाल इस बात को स्पष्ट करेगी कि यह मामला कितना गंभीर है और इसके चलते क्या कदम उठाए जाएंगे। अब देखना यह होगा कि अधिकारियों की जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।









