हाई काेर्ट ने वन पंचायतों के संरक्षण में काेताही बरतने पर सरकार से मांगा जवाब

हाई काेर्ट ने वन पंचायतों के संरक्षण में काेताही बरतने पर सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। हाई कोर्ट ने प्रदेश के वन पंचायतों का संरक्षण करने के बजाय उनका विदोहन करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार सहित वन विभाग को छह सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी हिसान्त ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के वनों की देख-रेख व उनके संरक्षण करने के लिए वन पंचायत अधिनियम पारित किया था लेकिन न तो वन विभाग ने और न ही राज्य सरकार ने इस नियमावली का ठीक से अनुपालन करवाया। परिणामस्वरूप वर्तमान में वन पंचायत अपना अस्तित्व खो रही है। वन पंचायत की भूमि पर लोगों ने कब्जा करके बाहरी लोगों को बेच दिया है। जहां पर पहले पेड़ हुआ करते थे, अब वहां होटल बन गए है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि वन पंचायतें जिस मकसद के लिए बनाई गई थीं, उनको फिर से उसी मकसद में लाया जाए न कि पेड़ काटकर अन्य सुविधा के लिए।

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