स्टेशन का नया नाम होगा बाबा बुड्ढा साहिब जी स्टेशन!

अमृतसर में कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि रामदास रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के लिए 31 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुविधा में सुधार लाना है। नवीनीकरण के तहत रामदास आरडीएस रेलवे स्टेशन पर उच्च स्तरीय पक्का प्लेटफार्म, छत, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश एवं पंखे समेत कई अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यह जानकारी धालीवाल ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ एक महीने पहले हुई चर्चा के संदर्भ में दी, जिसमें इस काम को पूरा करने का आश्वासन भी मिला था।

धालीवाल ने इस अवसर पर श्री अमृतसर साहिब रेलवे के माध्यम से अजनाला-बल्लड़वाल सीमा क्षेत्र को पूरे भारत से जोड़ने का महत्व भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस परिवहन विकल्प से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि रामदास रेलवे स्टेशन का नाम सम्मानित श्री हरमंदिर साहिब के पहले मुख्य ग्रंथी बाबा बुड्ढा साहिब के नाम पर रखा जाए, जिनका समाज में काफी आदर है।

रेलवे स्टेशन के ट्रेनों के आवागमन को बढ़ाने की भी आवश्यकता है, जिससे मौजूदा 4 जोड़ी ट्रेनों की संख्या को बढ़ाकर कम से कम 6 जोड़ी करने की मांग की गई है। इसके अलावा, वेरका से अमृतसर या उससे आगे जाने वाली ट्रेनों की संख्या में भी वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। इस समय अमृतसर और डेरा बाबा नानक के बीच ट्रेन सेवा उपलब्ध है, लेकिन अजनाला क्षेत्र के लोगों के लिए बल्लड़वाल गांव के माध्यम से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

बल्लड़वाल, जिसका इतिहास भारत-पाक विभाजन के बाद से एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में है, स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की यात्रा को सुगम बनाएगा। साथ ही, इस क्षेत्र में बाबा बुड्ढा साहिब जी का ज्योति ज्योत मंदिर और ऐतिहासिक गुरुद्वारा बाबा गमचक जी के कारण धार्मिक महत्व भी है। धालीवाल ने आशा जताई कि इस नवीनीकरण से इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आश्वासन दिया है कि रामदास रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण छह महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन को नया लुक दिया जाएगा और इसका नाम बाबा बुड्ढा साहिब जी के नाम पर रखा जाएगा। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।