लुधियाना गैंगरेप: 2 और गिरफ्तार, आरोपी होटल ले गए थे कार में!

पंजाब के लुधियाना शहर में एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना सामने आई है। 17 अक्टूबर को महिला अपने घर से कुछ सामान खरीदने के लिए निकली थी, लेकिन उसके बाद वह अचानक गायब हो गई। जब महिला का परिवार काफी चिंता में था, तब उन्होंने महिलाओं को ढूंढने का प्रयास किया। अंततः, सोमवार को उन्हें चीमा चौक पार्क के इलाके से महिला मिली। घर लौटने पर, महिला ने अपने परिवार को बताया कि उसे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया था और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। परिवार ने तुरंत इस मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन का रुख किया।

पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की और अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सौरभ उर्फ सोनू, सुनील शुक्ला, और दमन शामिल हैं, जिन्हें 21 अक्टूबर को पकड़ा गया था। इसके बाद, पुलिस ने देर रात दो और आरोपियों मनी और रोहित जॉली उर्फ अट्ठा को गिरफ्तार किया। डिवीजन नंबर 2 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर परमवीर सिंह ने जानकारी दी कि छापेमारी का अभियान जारी है ताकि शेष फरार आरोपियों को भी पकड़ सकें। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपनी तरह के नामों का खुलासा किया है, जिससे पुलिस को जांच में मदद मिली।

बताया गया है कि आरोपियों ने महिला को एक आसान लक्ष्य समझा और उसे रोहित जॉली की कार में अगवा किया। महिला को घर छोड़ने का वादा कर चालक को कार में बिठाया गया। हालांकि, उनके इरादे कुछ और ही थे और उन्होंने महिला को एक होटल के कमरे में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। इस प्रकार, यह एक गंभीर अपराध है, जिससे न केवल महिला की गरिमा को ठेस पहुँची है बल्कि समूचे समाज को भी झकझोर दिया है।

इस मामले में पुलिस ने बीएनएस एक्ट की धारा 64 (2) (आई) (के) और 70 (1) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। जघन्य अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और अधिक तेजी से चल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल महिला का बयान और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। विशेष निगरानी और सुरक्षा तैयारियों के साथ, एक विशेष टीम को इस मामले की जांच का जिम्मा दिया गया है।

इस मामले ने न केवल लुधियाना बल्कि समूचे पंजाब में बहस छेड़ दी है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज और कानून को क्या कदम उठाने चाहिए। कई सामाजिक संगठन और नागरिक समूह भी इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना एक बार फिर से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान खींचने का काम कर रही है।