हाईकोर्ट में वकील का क्लर्क निलंबित: चन्नी के नामांकन में गड़बड़ी पर जवाब तलब!
पंजाब की राजनीति में हलचल मचाने वाली एक महत्वपूर्ण घटना जालंधर लोकसभा सीट से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान देखने को मिली है। सुनवाई में अदालत ने दो अहम आदेश दिए हैं। एक तो यह कि कोर्ट परिसर में मोबाइल फोन पर ऊच्च आवाज में बात करने वाले एक वकील के क्लर्क का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर, चन्नी के मामले में आगे की सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
भाजपा नेता गौरव लूथरा ने इस याचिका को एडवोकेट मनीत मल्होत्रा के माध्यम से हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया था। याचिका में उन्होंने मांग की है कि चन्नी का निर्वाचन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत रद्द किया जाए। गौरव लूथरा का दावा है कि चरणजीत सिंह चन्नी ने जालंधर लोकसभा सीट पर नामांकन भरते समय कई महत्वपूर्ण जानकारियों को छिपाया। इसके अलावा, चुनाव के दौरान हुए खर्च का सही विवरण भी उन्होंने चुनाव आयोग को नहीं सौंपा है, जो कि विधिक प्रावधानों का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति संजीव शर्मा ने क्लर्क के आचरण पर विशेष ध्यान दिया और उसके व्यवहार को देखते हुए, अदालत ने उसके मोबाइल फोन को न्यायालय में जब्त करने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उसकी इस हरकत के कारण न्यायालय की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न हुआ। इससे पहले भी अदालतें ऐसे असामान्य आचरण के लिए सख्त कदम उठा चुकी हैं, और इस बार भी सख्त कार्रवाई की गई है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति शर्मा ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह क्लर्क का लाइसेंस निलंबित करे और उसे न्यायालय के किसी भी कक्ष में प्रवेश करने से रोके। आगे की कार्यवाही के लिए मामले को रजिस्ट्रार (प्रशासन) के पास भेजा गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया के तहत उचित आदेश पारित किया जा सके। अब देखना है कि इस मामले की आगामी सुनवाई 13 दिसंबर को किस दिशा में बढ़ेगी और क्या सांसद चन्नी का निर्वाचन रद्द होगा या नहीं।
इस घटनाक्रम ने जालंधर लोकसभा सीट की राजनीति को और अधिक पेचिदा बना दिया है। चूंकि चन्नी पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं, इस मामले की राजनीतिक महत्त्वता और अधिक बढ़ जाती है। भाजपा और कांग्रेस के बीच की प्रतिस्पर्धा को लेकर यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है और आगे की सुनवाई पर सभी की नज़रें होंगी।









