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मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें राजनीतिक दल : जिलाधिकारी

कानपुर, 12 अक्टूबर । मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए राजनीतिक दल अपने बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को सक्रिय करें और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ समन्वय बढ़ाएं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद छूटे पात्र नागरिकों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का नाम सूची में दर्ज कराने में सहयोग करें। कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह बातें जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कही।

उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम निर्वाचक नामावली जनपद की एनआईसी वेबसाइट पर उपलब्ध है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इसका अवलोकन करें और किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति मिलने पर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से संपर्क कर नियमानुसार सुधार कराएं। मतदाता सूची का शुद्धीकरण सतत प्रक्रिया है।

बैठक में बताया गया कि बीएलओ 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची का मिलान विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से पहले सात जनवरी 2025 को प्रकाशित अंतिम सूची और पूरक सूचियों से करेंगे। इस दौरान उन मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनके नाम पुरानी सूची में थे, लेकिन वर्तमान सूची में शामिल नहीं हैं। उनकी मौजूदा स्थिति का सत्यापन बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने बीएलए को सक्रिय कर इस अभियान में सहयोग दें। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं, छूटे हुए पात्र नागरिकों, दिव्यांगजनों, बेघर लोगों, बुजुर्गों और महिला मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। पात्र नागरिकों से फॉर्म-6 भरवाए जाएंगे और चिह्नित मतदाताओं की सूची बीएलए के साथ साझा की जाएगी।

अभियान के तहत बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। रात्रि आश्रय स्थलों, श्रमिक बस्तियों और वंचित वर्गों के पात्र नागरिकों का पंजीकरण कराया जाएगा। शिक्षण संस्थानों और मतदाता जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से भी अभियान को गति दी जाएगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा जा सकता है। आवेदन बीएलओ, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय, निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप के जरिए किया जा सकता है।

बैठक में बताया गया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की सूचियां तैयार कर राजनीतिक दलों से साझा की गई थीं। छह जनवरी को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित हुई और दावों व आपत्तियों के निस्तारण के बाद 10 अप्रैल को अंतिम सूची जारी की गई थी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अजय श्रीवास्तव सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा, अपना दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।