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आरडीएसएस से बदलेगी विद्युत वितरण व्यवस्था की तस्वीर : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल, 12 अगस्त । मध्य प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़, तकनीक-सक्षम और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार को बताया कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर द्वारा भी इस योजना में विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, डिजिटल तकनीक के विस्तार तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता में सुधार के उद्देश्य से आरडीएसएस लागू की गई है।

हानियों में कमी और बेहतर विद्युत आपूर्ति लक्ष्य

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि आरडीएसएस का मूल उद्देश्य केवल विद्युत नेटवर्क का विस्तार करना नहीं, बल्कि वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाना है। योजना के तहत वर्ष 2027-28 तक लाइट लासेस को 12-15 प्रतिशत के राष्ट्रीय स्तर तक लाने, लागत-राजस्व अंतर को समाप्त करने, आधुनिक डिस्कॉम के लिए संस्थागत क्षमताओं का विकास करने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इन उद्देश्यों को अपनी कार्य योजना में शामिल करते हुए आरडीएसएस के विभिन्न घटकों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

18.65 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

तोमर ने बताया कि विद्युत वितरण व्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम स्मार्ट मीटरिंग है। आरडीएसएस के अंतर्गत कंपनी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

27 जुलाई 2026 तक कंपनी क्षेत्र में 18,65,823 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पहले से स्थापित स्मार्ट मीटर भी शामिल हैं। लगभग 41,705 नवनिर्मित मीटरिंग पॉइंट पर मीटर बिलिंग प्रारंभ हो चुकी है।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत के आधार पर अधिक सटीक बिलिंग की सुविधा मिलेगी। साथ ही विद्युत वितरण कंपनी को भी खपत के पैटर्न, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों तथा नेटवर्क की स्थिति का बेहतर विश्लेषण करने में सहायता मिलेगी।