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प्रतिशोध की राजनीति छोड़ें मुख्यमंत्री, भाजपा नेताओं को नहीं डरा सकती विजिलेंस : जयराम ठाकुर

शिमला, 30 जुलाई । पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगाया। वीरवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री अधिकारियों और विजिलेंस के माध्यम से भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विजिलेंस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मार्च में विजिलेंस को आरटीआई के दायरे से बाहर किए जाने के बाद मनगढ़ंत शिकायतों के आधार पर भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके विरुद्ध जांच शुरू कर दी जाती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के एक मंत्री के खिलाफ भी विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन मामला आलाकमान तक पहुंचने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को डराने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। मुख्यमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ही एक पदाधिकारी ने उन पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन सरकार ने उनकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाई। यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित मामलों की जांच कराई जानी चाहिए।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने भाजपा नेताओं और उनके परिजनों को भी राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया है। उन्होंने सुधीर शर्मा, होशियार सिंह, केएल ठाकुर, आशीष शर्मा, राजेंद्र राणा, चैतन्य शर्मा, रवि ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो और इंद्र दत्त लखनपाल सहित कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए इसे प्रतिशोध की राजनीति बताया।

उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री संबंधी दावों पर उन्होंने कहा कि यदि सरकार को संबंधित एनजीओ की रिपोर्ट गलत लगती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, न कि भाजपा पर आरोप लगाने चाहिए।

जयराम ठाकुर ने संसद में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान के विरुद्ध कानून पारित होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रतीक है तथा इसका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का राष्ट्रीय कर्तव्य है।