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एटक ने एचईसी की खराब स्थिति पर सरकार को घेरा, कहा नहीं मिल रही मदद

रांची, 18 अप्रैल । हटिया कामगार यूनियन (एटक) ने एचईसी की वर्तमान स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों से एचईसी को बंदी की प्रक्रिया में डाल दिया है। इसे आर्थिक रूप से सहयोग देने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि न तो कर्मचारियों का बकाया वेतन दिया जा रहा है। और न ही सेवानिवृत्त कर्मियों के लंबित भुगतान का निपटारा किया जा रहा है।

लालदेव सिंह के अनुसार, प्रबंधन को भी इस स्थिति की जानकारी है। नए कार्यादेश नहीं मिलने के कारण उत्पादन पुराने ऑर्डरों के सहारे चल रहा है, जो जल्द ही समाप्त होने वाला है। इसके चलते कर्मचारियों में भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है और कई लोग नौकरी छोड़कर अन्य विकल्प तलाश रहे हैं। हाल ही में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी लोरेन्स भेंगरा और सिविल मैनेजर लुगुन के इस्तीफे का भी जिक्र किया गया।

उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार इस्तीफे के 48 घंटे के भीतर बकाया भुगतान होना चाहिए, लेकिन वर्षों से ऐसा नहीं हो रहा है। यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकार ने एचईसी को डायलिसिस के रूप में रखकर धीरे-धीरे खत्म करने की ओर बढ़ रही है, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।