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महाकाल मंदिर पहुंचीं अभिनेत्री सारा अर्जुन, मां के जन्मदिन पर लिया आशीर्वाद, भस्म आरती में हुईं शामिल

उज्जैन, 11 अप्रैल । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के फिल्म ‘धुरंधर’ की अभिनेत्री सारा अर्जुन अपने परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचीं। इस अवसर पर उनके पिता राज अर्जुन और मां सान्या भी मौजूद रहीं।

अभिनेत्री सारा ने सुबह करीब 4 बजे होने वाली प्रसिद्ध भस्म आरती में भाग लिया और करीब दो घंटे तक पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन कर “जय महाकाल” के जयकारे लगाए।

मां के जन्मदिन पर लिया आशीर्वाद

सारा अर्जुन पहली बार महाकाल मंदिर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वे अपनी मां के जन्मदिन के अवसर पर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आई हैं। दर्शन के दौरान उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। भस्म आरती के बाद सारा ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कही। इसके बाद गर्भगृह की देहरी से जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उनका स्वागत भी किया गया। दर्शन के बाद सारा ने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें बेहद शांति और सुकून का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

सारा अर्जुन का करियर

सारा अर्जुन ने बहुत कम उम्र में विज्ञापनों से अपने करियर की शुरुआत की थी। हाल ही में रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ से उन्हें खास पहचान मिली है। वे हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।

भस्म आरती में दिखा अलौकिक नजारा

इधर शनिवार तड़के महाकाल मंदिर के कपाट खुलते ही विधि-विधान से पूजन शुरू हुआ। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस) से अभिषेक किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। इसके बाद भगवान का रजत मुकुट, रुद्राक्ष माला, बिल्वपत्र और सुगंधित पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया। मस्तक पर त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू का अलंकरण किया गया, जिससे भगवान महाकाल का राजाधिराज स्वरूप प्रकट हुआ। कपूर आरती के पश्चात महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

भक्तिमय हुआ वातावरण

भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। “जय श्री महाकाल” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं।