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तिब्बती पठार के वैश्विक महत्व पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय में अतिथि व्याख्यान

नैनीताल, 14 मार्च । कुमाऊँ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “एशिया के लिए तिब्बती पठार और उसकी नदियों का वैश्विक महत्व” विषय पर 108 पीस इंस्टिट्यूट के सहयोग से शनिवार को अतिथि व्याख्यान एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में अतिथि वक्ता टेम्पा ग्याल्टस्टेन जाम्ल्हा ने तिब्बती पठार को “थर्ड पोल” बताते हुए इसकी पारिस्थितिक और भू-राजनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एशिया की कई प्रमुख नदियाँ इसी क्षेत्र से निकलती हैं, जो करोड़ों लोगों की जल आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, संसाधनों के अत्यधिक दोहन और बांध निर्माण को इस क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सतत पर्यावरणीय नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में कुमाऊं विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. कल्पना अग्रहरि, परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा, प्रोफेसर मधुरेंद्र कुमार, डॉ. हरदेश कुमार, डॉ. भूमिका प्रसाद, डॉ. रुचि मित्तल, डॉ. पंकज सिंह और डॉ. मोहित रौतेला सहित विभाग के शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।