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बिना किताबों के ही सीबीएसई स्कूलों में कैसे पढ़ेंगे बच्चे : जयराम ठाकुर

शिमला, 10 मार्च । पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में सीबीएसई में परिवर्तित किए गए स्कूलों की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। मंगलवार को शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि सरकार ने दो वर्ष पहले कई स्कूलों को सीबीएसई में परिवर्तित करने की घोषणा की थी, लेकिन पर्याप्त समय मिलने के बावजूद अभी तक आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में सीबीएसई के तहत पढ़ाई शुरू कर दी गई है, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। ऐसे में बच्चों को बिना किताबों के ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि मार्च के अंत तक विद्यार्थियों का फॉर्मेटिव असेसमेंट होना है, जबकि अभी तक सीबीएसई की किताबें नहीं पहुंची हैं और स्कूलों में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों से पढ़ाई करवाई जा रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा यह तर्क देना कि सीबीएसई और हिमाचल बोर्ड का पाठ्यक्रम लगभग समान है, बेहद बचकाना है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को ऐसे बयान देने के बजाय छात्रों को समय पर किताबें उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक शिक्षकों के तबादले नहीं हुए हैं और वही शिक्षक पढ़ा रहे हैं जो पहले हिमाचल बोर्ड के तहत पढ़ाते थे।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों के लिए शिक्षकों की परीक्षा 22 मार्च को निर्धारित की गई है, ऐसे में चयन प्रक्रिया पूरी होने में अभी काफी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि बिना शिक्षक और पाठ्यपुस्तकों के सीबीएसई प्रणाली लागू करना छात्रों के हित में नहीं है।

इससे पहले जयराम ठाकुर ने शिमला स्थित लोक भवन में नवनियुक्त राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने आशा जताई कि राज्यपाल अपने अनुभव से प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।