जींद : गाय, गंगा व गीता में विश्वास रखने वाली सरकार किसानों के हितों के लिए कर रही कार्य: कृष्ण कुमार बेदी
जींद, 15 फ़रवरी । हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार गाय, गंगा तथा गीता में विश्वास रखने वालों की सरकार है और प्रदेश सरकार गौ सेवा व किसानों के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कैबिनेट मंत्री रविवार को अलेवा गांव स्थित जय बाबा धुने वाले विकलांग गौशाला के वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्यअतिथि पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने गौशाला व अलेवा गांव की वाल्मीकि चौपाल के लिए 11-11 लाख रूपये की धन राशि देने की घोषणा की। इस मौके पर उनके साथ उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री तथा हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग विशेष रूप से मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि पहले की सरकारों में गौशालाओं के लिए मात्र दो करोड़ रुपये का बजट होता था।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल की सरकार ने लगभग 400 करोड़ रूपये का बजट बढाने का कार्य किया तथा वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने इसे बढ़ा कर 575 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के तहत गौशालाओं में गायों की नस्ल सुधार के लिए विशेष योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया वे भी अपने घरों में गाय को पालने का कार्य करें। इससे गौ सेवा के साथ-साथ दुग्ध उत्पदान मेंं भी वृद्धि होगी और आय का साधन भी बनेगा। कार्यक्रम में पंहुचे उचाना के विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने गौशाला की सभी मांगों पर विश्वास दिलाते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है।
सरकार द्वारा हर वर्ग के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। 18 फरवरी को उचाना की धरती पर मुख्यमंत्री नायब सिंह पंहुचेंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्याद संख्या में इस रैली में पंहुचकर अपनी भागीदारी सुनिश्चि करवाएं। इस अवसर पर हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में गौसेवा को सशक्त बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश की गौशालाओं में सोलर प्लांट स्थापित करने की योजना चलाई गई है ताकि गौशालाएं बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।









