kangra-education-boardchairman

बोर्ड परीक्षा में शॉर्टकट नहीं, मेहनत दिलाएगी कामयाबी : डॉ राजेश शर्मा

धर्मशाला, 09 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की आगामी परीक्षाओं से पहले बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने छात्रों को सफलता का मंत्र दिया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईमानदारी, कड़ा परिश्रम और अनुशासन ही वे स्तंभ हैं, जिनके दम पर छात्र बोर्ड परीक्षाओं में न केवल बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने भविष्य की ठोस नींव भी रख सकते हैं।

​तनाव को कहें ‘बाय’, रिवीज़न पर लगाएं ‘दांव’

परीक्षा के अंतिम दिनों की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने छात्रों से आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह के मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें। उन्होंने समय के सदुपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह समय नए विषयों में उलझने के बजाय पुराने पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति और लिखित अभ्यास का है। एक संतुलित जीवनशैली और नियमित दिनचर्या ही छात्र को परीक्षा कक्ष में आत्मविश्वास से भर सकती है।

बोर्ड अध्यक्ष ने छात्रों को नकल जैसी अनुचित प्रवृत्तियों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान एक निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करना है।

शिक्षा को भविष्य निर्माण की केंद्रीय धुरी बताते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि छात्रों की सफलता सीधे तौर पर प्रदेश और देश की प्रगति से जुड़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने की प्रेरणा देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अंत में दोहराया कि “ईमानदार मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और इसका मीठा फल छात्र को अवश्य मिलता है।”