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(अपडेट) छत्तीसगढ़ के बीजापुर मुठभेड़ में मारे गए नक्सली की पहचान इनामी उधम सिंह के रूप में हुई

हुई है। वह कोत्तागुड़ा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर निवासी था और दक्षिण बस्तर डिवीजन में डीवीसीएम कैडर का यह नक्सली प्लाटून नम्बर 13 का इंचार्ज था।

बीजापुर जिले के थाना तर्रेम के जंगल में आज सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ में एक नक्सली का शव और एके-47 हथियार मौके से बरामद किया गया थाl उधम सिंह का यह इनामी नक्सली वर्ष 2002-03 में संगठन में पार्टी सदस्य के रूप में शामिल हुआ था । संगठन में शामिल होने के बाद से छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा में सक्रिय रूप से कार्य किया।

विगत 3 वर्ष से वह पामेड़ एरिया कमेटी में सक्रिय रहा है। उस पर अलग-अलग थानों में मारे गये नक्सली उधम सिंह के विरूद्ध कुल 9 अपराधिक मामले पंजीबद्ध है । मुठभेड़ स्थल से मारे गये नक्सली के शव के साथ 1 नग एके 47, दाे नग मैग्जीन, 28 राउण्ड, कार्डेक्स वायर, वायरलेस सेट, मोबाईल, पोच, पिटठू, टिफिन बैग एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के थाना तर्रेम क्षेत्रान्तर्गत जंगल पहाडों में दक्षिण बस्तर डिवीजन के डीव्हीसीएम उधम सिंह एवं अन्य सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर डीआरजी-कोबरा की संयुक्त टीम द्वारा सर्च अभियान पर रवाना किया गया था। अभियान के दौरान गुरूवार सुबह से डीआरजी बीजापुर की सयुंक्त टीमों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से डीवीसीएम उधम सिंह का शव ऑटोमैटिक हथियार-एओ 47 सहित विस्फोटक सामग्री और माओवादी सामग्री मौके से बरामद हुई है।

उन्हाेंने बताया कि वर्ष 2025 में बीजापुर जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 163 नक्सली को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है । वर्ष 2026 में 11 नक्सली ढेर हुए हैं । इस प्रकार जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाये गये नक्सल विरोधी अभियान में कुल 232 नक्सली मारे गये, 1163 नक्सली गिरफ्तार हुए और 888 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए l

बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बल सतर्कता, संयम और संकल्प के साथ शांति एवं जनसुरक्षा बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्र में विश्वास का वातावरण और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सुरक्षा बलों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग अपनाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।वहीं जो लोग मुख्यधारा में लौटकर सकारात्मक जीवन निर्माण करना चाहते हैं उनका शासन की पुनर्वास नीतियों के तहत स्वागत और सहयोग किया जाएगा।

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