जयपुर को विश्व धरोहर का दर्जा बनाए रखने पर सरकार सख्त, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश
जयपुर, 04 फ़रवरी । पिंक सिटी जयपुर को यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा मिलना राजस्थान के लिए गौरव की बात है और इस पहचान को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने साफ निर्देश दिए हैं कि संरक्षण, पुनरुद्धार और विकास से जुड़े सभी कार्य यूनेस्को के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यूनेस्को से जुड़े दायित्वों और मेंडेट की पूर्ति को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
सचिवालय में बुधवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव ने यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी स्टेटस के तहत आवश्यक कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ‘होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच’ अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध कार्यान्वयन और साझा जिम्मेदारी के बिना इस लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है।
मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और नगरीय विकास विभाग की संयुक्त टीम को वॉल्ड सिटी जयपुर का स्थलीय निरीक्षण कर ठोस कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने विरासत क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने, शहर की खूबसूरती को नुकसान पहुंचाने वाले बैनर, विज्ञापन और अस्थायी अतिक्रमण हटाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। खासतौर पर हेरिटेज गेट्स और प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी रखने तथा अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में वॉल्ड सिटी जयपुर के लिए तैयार की जा रही स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बेस मैप, सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल, आजीविका, पर्यटन, परिवहन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, परिदृश्य और विधायी एवं प्रबंधन ढांचे से जुड़े विभिन्न घटकों पर कार्य तेजी से प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि जयपुर की विरासत केवल इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर की पहचान, संस्कृति और आत्मा से जुड़ी हुई है, जिसकी रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं पर्यटन विभाग प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन विभाग डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन सहित नगर निगम जयपुर और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









