राशन कार्ड सत्यापन को लेकर भ्रम फैला रही है आआपा : हरीश खुराना
नई दिल्ली, 03 फ़रवरी । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हरीश खुराना ने आज आम आदमी पार्टी (आआपा) नेताओं पर राशन कार्ड सत्यापन को लेकर भ्रम फैलाने और फर्जी राशन कार्ड बनाकर गरीबों को हक छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के बेरोजगार नेता जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि दिल्ली की जनता सच्चाई भली-भांति जानती है।
हरीश खुराना ने दिल्ली सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि 2014 से 2024 के दौरान दिल्ली में कुल 9,22,766 राशन कार्ड के लिए आवेदन किए गए। पिछले 10 वर्षों में बिना किसी ठोस सत्यापन के राशन कार्ड बनाए गए। यही वजह है कि आज जब जांच हुई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। 2,02,000 राशन कार्ड संदिग्ध पाए गए (7.07 लाख लाभार्थी में)। इनमें 6,038 मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन कार्ड बने थे, 16,000 डुप्लीकेट राशन कार्ड पाए गए और 1,44,000 से अधिक राशन कार्ड ऐसे लोगों के बने जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपये से अधिक थी।
विधायक खुराना का सवाल, “जब 6 लाख से ज्यादा आय वालों को राशन मिलेगा, तो वंचितों का हक कहां जाएगा। राशन कार्ड के लिए कंपनी डायरेक्टर, जमीन और गाड़ी वाले भी ‘गरीब’ बनाए गए।
विधायक ने आगे कहा कि जांच में यह भी सामने आया कि 2,76,000 राशन कार्ड धारकों को एसएमएस के जरिए नोटिस जारी किए गए। इनमें से अब तक केवल 227 लोगों ने ही जवाब दिया है। 1,59,000 राशन कार्ड धारक ऐसे हैं जिनके पास जमीन है। 77,000 राशन कार्ड धारक ऐसे पाए गए जो किसी कार या अन्य वाहन मालिक हैं, जीएसटी होल्डर 25 लाख से अधिक टर्नओवर के 2700 कार्ड और अन्य राज्यों में डुप्लीकेट राशन कार्ड 16064 पाए गए हैं।
खुराना ने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड री-वैलिडेशन प्रक्रिया नेशनल फूड सिक्योरिटी रूल्स के तहत डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई, जिसके माध्यम से राशन कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। दिल्ली में एक भी खाद्य सुरक्षा कार्यालय (एफएसओ) बंद नहीं हुआ है। सभी कार्यालय पूरी तरह कार्यरत हैं। यह झूठ सिर्फ डर फैलाने के लिए बोला जा रहा है। सच्चाई ये है कोई राशन कार्ड अभी काटा नहीं गया है ना ही किसी पात्र लाभार्थी का राशन कार्ड काटा जाएगा। सभी को अपनी पात्रता साबित करने का पूरा मौका दिया जा रहा है।
खुराना ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में कितने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को राशन कार्ड दिए गए, आआपा सरकार इसका जवाब दे। विधायक ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि पिछले 10 वर्षों में राशन कार्ड के जरिये बांटे गए राशन पर श्वेत पत्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि री-वेरिफिकेशन वंचितों और जरूरतमंदों का हक छीनने की नहीं, बल्कि आआपा द्वारा छीने गए हक को वापस दिलाने की प्रक्रिया है। सच से डरने वालों को ही यह प्रक्रिया चुभ रही है।









