jhansi-bu-nss-karnataka

राष्ट्र की संस्कृति को समझने और खुद को परखने का मंच है राष्ट्रीय एकीकरण शिविर : कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय

झांसी, 16 जनवरी । राष्ट्रीय सेवा योजना के दस चयनित स्वयंसेवकों ने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में उत्तर प्रदेश का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व कर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी का गौरव बढ़ाया। सकुशल वापसी पर स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय से भेंट की और शिविर में प्राप्त अनुभव साझा किया। इस अवसर पर प्रो. एपी सिंह महानिदेशक राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला और वित्ताधिकारी प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे और स्वयंसेवकों को बधाई दी।

कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के शिविर युवाओं को भाषा, संस्कृति, सामाजिक विविधता और नेतृत्व की नई दृष्टि प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण सेवा और अनुशासन की ओर प्रेरित करती है और यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि हमारे स्वयंसेवकों ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। महानिदेशक,राष्ट्रीय पुस्तकालय प्रो. सिंह ने कहा कि कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के स्वयंसेवकों की भागीदारी सराहनीय रही।

कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि इस प्रकार के शिविर व्यक्तित्व विकास का प्रभावी माध्यम हैं और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास संवाद कौशल तथा सामाजिक चेतना को विकसित करते हैं। वित्ताधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना सेवा और समाज के बीच समन्वय का मंच है और विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का प्रमाण दिया।

राष्ट्रीय एकीकरण शिविर 5 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक हसन कर्नाटक स्थित हसन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में आयोजित किया गया। इस शिविर में देश के 15 राज्यों के चयनित स्वयंसेवक शामिल हुए जिनमें केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा,पंजाब, कर्नाटक, ओडिशा आदि राज्य शामिल थे। शिविर का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता सांस्कृतिक समरसता सामाजिक जागरूकता नेतृत्व विकास और सेवा भावना को सुदृढ़ करना था।

इस दल का नेतृत्व बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ श्वेता पाण्डेय ने किया। उन्होंने कहा कि एनआईसी शिविर स्वयंसेवकों के लिए नेतृत्व अनुशासन और सेवा भावना को परखने का अनूठा अवसर रहा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से चयनित स्वयंसेवकों में आदर्श राजपूत, फैसल उस्मानी, शुभ शाक्या, ध्रुव प्रताप सिंह, आर्यन सिंह ्रचंचल साहू, दीपिका राजपूत, हर्षिता कुशवाहा, तान्या कुशवाहा और सलोनी शाहू शामिल रहे। सभी स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में अपने अनुभव और प्राप्त सीखों को साझा किया और कहा कि इस अनुभव ने उनके नेतृत्व कौशल अनुशासन और सेवा भावना को और सशक्त किया।

शिविर के दौरान उत्तर प्रदेश की टीम ने योग, ध्वजारोहण, श्रमदान ,स्वच्छता अभियान, व्याख्यान ,नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां ,और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दी। टीम द्वारा प्रस्तुत राई लोकनृत्य और वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका ने शिविर में विशेष आकर्षण उत्पन्न किया और समय पालन एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति के आधार पर उत्तर प्रदेश की टीम को सम्मानित किया गया। स्वयंसेवकों की वापसी पर प्रो. एसपी सिंह, प्रो. डीके भट्ट, प्रो. सौरभ श्रीवास्तव और डॉ. अनुपम व्यास भी उपस्थित रहे। अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।