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राजगढ़ः भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का हुआ विधिवत अनावरण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि अटल जी ने राजनीति को संघर्ष नही, संवाद का माध्यम बनाया। वे कठोर निर्णय लेने में भी पीछे नही हटे, उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र प्रथम के सिद्वांत पर आधारित रहा। वे सत्ता के लिए नही, सिद्वांतों के लिए राजनीति में थे। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अटल जी की प्रतिमा के स्थापना से नगर को वैचारिक उर्जा और सांस्कृतिक पहचान मिलेगी। मंत्री पंवार ने अटलजी के जीवन से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी.नरसिम्हाराव ने विपक्ष के नेता होते हुए भी अटलजी पर भरोसा जताया और उन्हें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग जेनेवा में भारत का पक्ष रखने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा। मंत्री पंवार ने कहा कि डाॅ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर के मुद्दे पर जो अलख जगाई थी, अटलजी उनके उस संदेश को भारत के कोने- कोने तक पहुंचाने में प्रमुख संवाहक बने।

इस अवसर पर सांसद रोडमल नगार ने अपने संबोधन में कहा कि अटलबिहारी वाजपेयी केवल नेता नही, बल्कि विचारधारा और संवेदना के संगम थे। उन्होंने कहा कि अटलजी ने अपने विचारों को जीवन में उतारकर दिखाया, उन्होंने सिखाया कि सत्ता में रहते हुए विनम्रता और जनसंवेदना कैसे बनाए रखी जाए। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष लीलादेवी कुशवाह, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर, पूर्व राज्यमंत्री बद्रीलाल यादव, जिला महामंत्री देवीसिंह सौंधिया, ममता इंदौरिया, जिला उपाध्यक्ष इंदरसिंह लववंशी, जगदीश पंवार, जसवंत गुर्जर, अमित शर्मा, रामनारायण दांगी, मंडल अध्यक्ष राजू यादव, एसडीएम गोविंदकुमार दुबे, सीएमओ इकरार अहमद सहित जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद रहे।